Last Updated: September 22, 2026

Dainik Savera Times Logo

भारत-अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौता, निर्यात, रोजगार और MSME सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा

February 7, 2026

भारत-अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौता, निर्यात, रोजगार और MSME सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा

नेशनल डेस्क: भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। दोनों देशों ने अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Agreement) की रूपरेखा तय कर ली है और इस पर एक संयुक्त बयान भी जारी किया गया है। इस समझौते को भारत के निर्यात, रोजगार और MSME सेक्टर के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।

इस अंतरिम समझौते का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ाना, नए रोजगार के अवसर पैदा करना और आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाई देना है। खास बात यह है कि इस समझौते में भारत के संवेदनशील क्षेत्रों जैसे कृषि और डेयरी की सुरक्षा बनाए रखी गई है और अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर टैरिफ में बड़ी राहत दी है।

अमेरिकी टैरिफ में बड़ी कटौती

संयुक्त बयान के मुताबिक, अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर लगने वाला टैरिफ 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। इससे भारतीय कंपनियों के लिए अमेरिका में अपने उत्पाद बेचना सस्ता और ज्यादा प्रतिस्पर्धी हो जाएगा। इसका सीधा फायदा भारत के निर्यातकों, खासकर छोटे और मझोले उद्योगों (MSME) को मिलेगा। अमेरिका का लगभग 30 ट्रिलियन डॉलर का विशाल बाजार अब भारतीय MSMEs, किसानों और मछुआरों के लिए पहले से कहीं ज्यादा खुला हो जाएगा। इससे आने वाले समय में भारत के निर्यात में तेज बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

रोजगार और उद्योगों को मिलेगा सीधा फायदा

निर्यात बढ़ने के साथ-साथ इस समझौते से लाखों नए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। खासकर महिलाओं और युवाओं के लिए नए अवसर खुलेंगे। कुछ प्रमुख भारतीय उत्पादों पर तो अमेरिका ने पूरी तरह टैरिफ खत्म कर दिया है। इनमें जेनेरिक दवाएं, हीरे-जवाहरात, विमान, एयरोस्पेस से जुड़े पुर्जे, टेक्सटाइल, रेडीमेड कपड़े, चमड़ा, जूते, प्लास्टिक, रबर, ऑर्गेनिक केमिकल्स, होम डेकोर, हस्तशिल्प और कुछ मशीनरी सेक्टर में भी भारत को बड़ा फायदा मिलने की संभावना है।

कृषि और डेयरी सेक्टर रहेगा सुरक्षित

इस समझौते में भारत ने अपने संवेदनशील कृषि और डेयरी क्षेत्रों से कोई समझौता नहीं किया है। गेहूं, चावल, मक्का, दूध, पनीर, पोल्ट्री और अन्य अहम कृषि उत्पादों को इस डील से बाहर रखा गया है, ताकि भारतीय किसानों के हित सुरक्षित रहें। हालांकि, भारत ने अमेरिका से आने वाले कुछ कृषि और औद्योगिक उत्पादों पर सीमित टैरिफ कटौती पर सहमति दी है। इनमें मेवे, फल, सोयाबीन तेल, शराब और पशु आहार जैसे उत्पाद शामिल हैं।

तकनीक, डिजिटल व्यापार और सप्लाई चेन पर भी फोकस

भारत और अमेरिका ने तकनीकी सहयोग को बढ़ाने पर भी सहमति जताई है। डेटा सेंटर्स में इस्तेमाल होने वाले GPU, अन्य आधुनिक तकनीकी उपकरणों और डिजिटल व्यापार में सहयोग बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही दोनों देश मिलकर सप्लाई चेन को मजबूत करेंगे, ताकि किसी तीसरे देश की नीतियों से होने वाले जोखिम से बचा जा सके।

अमेरिका से बड़े पैमाने पर खरीद करेगा भारत

समझौते के तहत भारत अगले 5 वर्षों में लगभग 500 अरब डॉलर का सामान अमेरिका से खरीदेगा। इसमें ऊर्जा, विमान, धातुएं, आधुनिक तकनीक, कोयला जैसे सेक्टर शामिल होंगे। यह अंतरिम व्यापार ढांचा तुरंत लागू किया जाएगा। साथ ही दोनों देश भविष्य में एक पूर्ण द्विपक्षीय व्यापार समझौते (FTA) को अंतिम रूप देने की दिशा में भी काम करेंगे।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें