Site icon Dainik Savera Times

ISRO ने उन्नत उपग्रह EOS-05 का तीसरा और अंतिम कक्षा उन्नयन चरण सफलतापूर्वक पूरा किया

isro

चेन्नईः भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने उन्नत पृथ्वी अवलोकन उपग्रह ‘ईओएस-05’ का तीसरा और अंतिम कक्षा उन्नयन(ऑर्बिट रेजिंग) चरण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस उपग्रह को गत शुक्रवार को श्रीहरिकोटा स्थित अंतरिक्ष केंद्र से जीएसएलवी-एफ17 रॉकेट के जरिए प्रक्षेपित किया गया था।

इसरो के अनुसार, ईओएस-05 की एपोजी (पृथ्वी से अधिकतम दूरी) को बढ़ाने की यह तीसरी प्रक्रिया 07 सितंबर रात 8:57 बजे सफलतापूर्वक पूरी की गई। इस दौरान उपग्रह में लगे लिक्विड एपोजी मोटर इंजन को 1,247 सेकंड के लिए प्रज्वलित किया गया। इस प्रक्रिया के बाद उपग्रह के सभी उपकरण पूरी तरह सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।

इससे पहले, 2,367 किलोग्राम वजनी इस उपग्रह को प्रक्षेपण के लगभग 18 मिनट बाद ‘सब-जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट’ (सब-जीटीओ) में सफलतापूर्वक स्थापित किया गया था। उपग्रह का पहला कक्षा उन्नयन चरण 5 सितंबर को पूरा किया गया था, जिसमें एलएएम इंजन को 5,406.4 सेकंड के लिए चलाया गया था। इसके बाद दो और चरण पूरे करके उपग्रह को जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट (जीएसओ – 85.5 डिग्री ईस्ट ऑर्बिटल स्लॉट) की दिशा में बढ़ा दिया गया है। यह भारत के अंतरिक्ष इतिहास में पहली बार है जब किसी तस्वीर लेने वाले उपग्रह को भू-समकालिक कक्षा से संचालित किया जा रहा है।

अंतरिक्ष में भारत की ‘दिव्य दृष्टि’ माना जा रहा ईओएस-05 उपग्रह, हर पांच मिनट में चयनित क्षेत्रों तथा हर 30 मिनट में संपूर्ण भारतीय भूभाग की 42 मीटर रिज़ॉल्यूशन वाली स्पष्ट तस्वीरें भेजने में सक्षम है। यह उपग्रह वर्ष 2021 में असफल हुए जीआईसैट-1ए मिशन का स्थान लेगा और कृषि, पर्यावरण निगरानी, आपदा प्रबंधन तथा समुद्री सुरक्षा के क्षेत्रों में देश की दूर संवेदन क्षमताओं को अत्यधिक मजबूती प्रदान करेगा।

Exit mobile version