Kainchi DhamDevotees number crosses 30,000 : नैनीताल। विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम में हर साल की तरह इस बार भी आस्था की बयार है। अब तक माना जा रहा है भक्तों का आंकड़ा 25 हजार को पार कर लेगा।
उल्लेखनीय है कि15 जून को बाबा नीम करौली महाराज के आश्रम का स्थापना दिवस मनाया जाता है। यहां मेले और भंडारे का आयोजन होना है। कैंची धाम मेला शुरू हो चुका है। इसके चलते जगह-जगह हनुमान चालीसा का पाठ हो रहा है।
बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या
कैंची धाम में अभी भी भीड़ का सिलसिला जारी है। सुबह आठ बजे तक 25 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा के दरबार में हाजिरी लगा चुके हैं। माना जा रहा है कि ये आंकड़ा दोपहर तक 30 हजार को पार कर जाएगा। श्रद्धालु बाबा के जयकारों के साथ मंदिर में प्रवेश करते हुए मालपुए का प्रसाद लेते आ रहे हैं। सोमवार की सुबह पांच बजे बाबा नीब करौरी महाराज को मालपुए के भोग लगाने के साथ कैंची धाम में स्थापना दिवस शुरू हुआ। रातभर कतार में लगे श्रद्धालुओं का मंदिर में बारी-बारी से प्रवेश शुरू हो गया है। बाबा के जयकारों के साथ श्रद्धालु महाप्रसाद लेते हुए लौट रहे हैं। मंदिर समिति में लगे सेवादार श्रद्धालुओं को मालपुए का प्रसाद वितरित कर रहे हैं।
सुबह से लग रहे बाबा नीब करौली के जयकारों
कैंची धाम के स्थापना दिवस पर बाबा नीब करौली महाराज के जयकारों के साथ सुबह 6 बजे तक 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन कर मालपुए का प्रसाद ग्रहण किया। साथ ही श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी है। कैंची धाम में स्थापना दिवस पर सोमवार की सुबह 6 बजे के बाद से भवाली की तरफ से एक किलोमीटर लंबी कतार लग चुकी है। श्रद्धालु बाबा के जयकारों के साथ श्री राम के नारों के साथ मंदिर में प्रवेश करते रह रहे हैं।
कोशिश रहेगी न हो कोई परेशान : सचिव
कैंची धाम ट्रस्ट के सचिव आलोक चोपड़ा ने बताया कि लगभग 14 जून की रात तक मालपुआ बनाने का कार्यक्रम चला। 15 जून से कार्यक्रम की शुरुआत हो रही है। उनकी कोशिश रहेगी कि सभी श्रद्धालु आराम से दर्शन कर सकें और उन्हें किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं। सभी स्वयंसेवक भारतीय रक्षा बल और पुलिस के अनुभवी हैं। मुख्य द्वार से लेकर अंदर तक, हमारे लोग दर्शनार्थियों की मदद करेंगे ताकि वे आराम से दर्शन कर सकें। साथ ही उन्होंने बताया कि सुरक्षा के लिए जगह-जगह जवान और कर्मचारी तैनात रहेंगे। श्रद्धालु बैरिकेड्स के बीच से व्यवस्थित तरीके से दर्शन करेंगे। दर्शन के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद दिया जाएगा। इसके लिए स्वयंसेवकों की विशेष टीम तैनात रहेगी। गर्मी को देखते हुए पानी और जूस की भी व्यवस्था की गई है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त अग्निशमन उपकरण और अन्य सुरक्षा इंतजाम भी किए गए हैं।
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