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Haryana : नामांकन भरने के बाद कमल का चुनाव लड़ने से इनकार

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सोनीपत। नगर निगम के लिए कांग्रेस की ओर से मेयर प्रत्याशी बने पवन दीवान ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है। उन्होंने सांसद दीपेंद्र हुड्डा और सतपाल ब्रह्मचारी मौजूदगी में बुधवार को नामांकन भरा था।

कांग्रेस में फिर नजर आई गुटबाजी

नामांकन के समय एकजुटता के दावों ने एक दिन बाद ही दम तोड़ दिया। राजनीतिक लोगों का कहना है कि इस फैसले का कारण कांग्रेस की गुटबाजी को माना जा रहा है। पवन दीवान का कहना है कि पिछले चुनाव में भितरघात करने वाले लोगों को टिकट दिया जा रहा है। ये काम कांग्रेस का ही एक गुट कर रहा है। उन्होंने कहा कि गद्दारी करने वाले लोगों को टिकट देना वफादार कार्यकर्ताओं का अपमान है। इसी खींचतान से आहत होकर उन्होंने चुनाव न लड़ने का फैसला लिया है।

नामांकन की स्याही से पहले सूखे एकजुटता के दावे

जब दीपेंद्र हुड्डा ने हर वार्ड के लिए अलग घोषणापत्र जारी करने का वादा किया था, तब लगा था कि कांग्रेस इस बार बेहद आक्रामक रणनीति के साथ मैदान में है। लेकिन मेयर प्रत्याशी के इस कदम ने भाजपा को बैठे-बिठाए बड़ा मुद्दा दे दिया है। भाजपा ने यहाँ से दिग्गज नेता राजीव जैन को टिकट दिया है, जो पहले ही प्रचार में बढ़त बनाए हुए हैं। अब कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि या तो वह कमल दीवान को मनाए या फिर अंतिम समय में किसी नए और दमदार चेहरे पर दांव खेले।

मनाने का दौर जारी, भाजपा को मिला मुद्दा

कमल दीवान को मनाने की बात चल रही है। उन्हें दिल्ली या रोहतक बुलाया जा सकता है, जिससे कि बीच का रास्ता निकल सके। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि अगर दीवान मान भी जाते हैं, तो भी जनता के बीच इस घटनाक्रम से जो संदेश गया है, उसकी भरपाई करना आसान नहीं होगा। नामांकन के बाद इस तरह का यू-टर्न पार्टी की सांगठनिक कमजोरी को उजागर कर रहा है।

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