नेशनल डेस्कः कर्नाटक की राजनीति में पिछले कई महीनों से चल रहा मुख्यमंत्री पद का विवाद अब खत्म होता दिखाई दे रहा है। गुरुवार को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिसे राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने मंजूर कर लिया है। इसके बाद अब कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। माना जा रहा है कि वे 1 जून या 3 जून को नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले सकते हैं।
राज्यपाल ने मंजूर किया इस्तीफा
जानकारी के मुताबिक, जब सिद्धारमैया ने इस्तीफा दिया उस समय राज्यपाल थावरचंद गहलोत बेंगलुरु में मौजूद नहीं थे। ऐसे में उन्होंने अपना इस्तीफा राजभवन के सचिव को सौंप दिया था। बाद में राज्यपाल के बेंगलुरु लौटने पर उन्होंने इस्तीफा स्वीकार कर लिया। सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद अब कांग्रेस नेतृत्व ने राज्य में नई सरकार के गठन की तैयारियां तेज कर दी हैं।
कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है, जिन्होंने कल, 28 मई 2026 को पद छोड़ दिया था। pic.twitter.com/MG2PgRSbmc
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 29, 2026
डीके शिवकुमार बन सकते हैं नए मुख्यमंत्री
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, अब डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाए जाने पर सहमति बन गई है। पार्टी हाईकमान जल्द ही इसकी आधिकारिक घोषणा कर सकता है। बताया जा रहा है कि अगले सप्ताह उनका शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा सकता है। डीके शिवकुमार लंबे समय से मुख्यमंत्री पद की दावेदारी कर रहे थे। कांग्रेस की सरकार बनने के बाद से ही पार्टी के अंदर नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चर्चाएं चल रही थीं।
चार डिप्टी सीएम बनाए जा सकते हैं
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस पार्टी राज्य में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के लिए चार उपमुख्यमंत्री नियुक्त कर सकती है। इसके अलावा मंत्रिमंडल में भी बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है। बताया जा रहा है कि सिद्धारमैया सरकार के कई मौजूदा मंत्रियों को नई कैबिनेट में जगह नहीं मिल सकती। कांग्रेस नेतृत्व नए चेहरों को मौका देने की तैयारी में है।
दिल्ली में हुई कांग्रेस नेताओं की अहम बैठक
मुख्यमंत्री बदलने के मुद्दे को लेकर कांग्रेस हाईकमान ने दिल्ली में एक बड़ी बैठक बुलाई थी। इस बैठक में सिद्धारमैया, डीके शिवकुमार और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बैठक के दौरान यह साफ किया गया कि राहुल गांधी और पार्टी हाईकमान जो फैसला लेंगे, वही सभी नेताओं को मान्य होगा। इसके बाद नेतृत्व परिवर्तन का रास्ता साफ हो गया और सिद्धारमैया ने इस्तीफा देने का फैसला लिया।
इस्तीफे के बाद सिद्धारमैया ने क्या कहा
मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद सिद्धारमैया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि उन्होंने पार्टी हाईकमान के निर्देश के बाद इस्तीफा दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा था कि राज्यपाल संविधान के अनुसार उनका इस्तीफा स्वीकार करेंगे।
सिद्धारमैया ने कहा कि उनके लिए हमेशा राज्य और जनता का हित सबसे ऊपर रहा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी पद, पैसा या संपत्ति के पीछे भागने की राजनीति नहीं की। उन्होंने कहा, “मैंने 50 साल राजनीति की है। मेरा राजनीतिक जीवन खुली किताब की तरह है। जनता की सेवा करना ही मेरा सबसे बड़ा उद्देश्य रहा है।”
कर्नाटक में नई राजनीतिक शुरुआत की तैयारी
सिद्धारमैया के इस्तीफे के साथ ही अब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार नए नेतृत्व के साथ आगे बढ़ने की तैयारी कर रही है। पार्टी को उम्मीद है कि डीके शिवकुमार के नेतृत्व में सरकार और संगठन दोनों को मजबूती मिलेगी।
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