Kerala Elections 2026: केरल में विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं और इसी के साथ लोकतंत्र के इस महापर्व को खास बनाने की अनोखी पहल भी सामने आई है। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने 15 मार्च को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद राज्यभर में आदर्श आचार संहिता लागू कर दी थी। अब मतदान को लेकर युवाओं में उत्साह बढ़ाने के लिए एक अनूठी योजना शुरू की गई है। इसका नाम है ‘वोट स्वीटेंड केरलम’।
इस पहल के तहत 9 अप्रैल को मतदान के दिन पहली बार वोट डालने वाले युवाओं का स्वागत पारंपरिक मिठाई हलवे से किया जाएगा। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी रतन यू. केलकर ने इस अभियान की घोषणा करते हुए इसे युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने का प्रयास बताया।
കന്നി വോട്ടർമാർക്ക് മധുരം നുണയാം
സംസ്ഥാനത്തു കന്നി വോട്ട് രേഖപ്പെടുത്തുന്നവർക്ക്
പോളിംഗിന് ശേഷം മധുരം നുണയാം. ഓരോ ജില്ലയിലും കന്നി വോട്ട് ചെയ്യുന്ന 200 വോട്ടർമാർക്കാണ് പോളിംഗിന് ശേഷം ഹൽവ വിതരണം ചെയ്യുക. ജില്ലകളിലെ തിരഞ്ഞെടുത്ത ബൂത്തുകളിലാണ് പദ്ധതി നടപ്പാക്കുക.കന്നി… pic.twitter.com/9g4Ide5DB5
— Chief Electoral Officer Kerala (@Ceokerala) March 30, 2026
कैसे लागू होगी योजना?
निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार, राज्य के हर जिले में कुछ चुनिंदा मतदान केंद्रों को इस योजना के लिए चिन्हित किया गया है। इन केंद्रों पर पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं को विशेष रूप से पैक किए गए ‘ब्रांडेड हलवा’ दिए जाएंगे। हर जिले के निर्वाचन अधिकारियों को करीब 200 हलवा पैकेट उपलब्ध कराए जाएंगे। जिला स्तर पर ऐसे बूथों का चयन किया जाएगा जहां युवा मतदाताओं की संख्या अधिक है। बूथ लेवल अधिकारी (BLO) पहले से मतदाता सूची के आधार पर नए मतदाताओं की पहचान करेंगे, ताकि मतदान के बाद उन्हें आसानी से यह उपहार दिया जा सके।
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व्यवस्था और सावधानियां
आयोग ने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि इस पहल से मतदान प्रक्रिया प्रभावित न हो। भीड़ प्रबंधन के लिए अतिरिक्त स्वयंसेवकों की तैनाती की जा सकती है और वितरण प्रक्रिया को मतदान केंद्र के बाहर सुव्यवस्थित तरीके से आयोजित किया जाएगा।
लोकतंत्र को उत्सव बनाने की कोशिश
‘वोट स्वीटेंड केरलम’ सिर्फ एक पहल नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य युवाओं को मतदान के प्रति प्रेरित करना और उनके पहले वोट को यादगार बनाना है। चुनाव आयोग का मानना है कि इस तरह की रचनात्मक पहल करना मतदान प्रतिशत बढ़ाने और लोकतंत्र को और मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
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