नेशनल डेस्क: नई दिल्ली से बड़ी खबर सामने आई है। राजधानी में नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ ही शराब की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है। दिल्ली सरकार ने आबकारी नीति के तहत विभिन्न श्रेणियों के लाइसेंस शुल्क में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। यह बढ़ोतरी होटल, क्लब, रेस्टोरेंट और अन्य संबंधित संस्थानों पर लागू होगी।
आबकारी, मनोरंजन एवं लक्जरी टैक्स विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक की लाइसेंस अवधि के लिए नई दरें लागू होंगी। सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद एल-28/एल-28एफ और एल-29/एल-29एफ श्रेणी के लाइसेंसों के नवीनीकरण को अनुमति दे दी गई है। इन श्रेणियों में भारतीय और विदेशी शराब से जुड़े लाइसेंस शामिल हैं।
नई व्यवस्था के तहत इन लाइसेंसों की वार्षिक फीस में 10 फीसदी की वृद्धि की गई है। माना जा रहा है कि लाइसेंस शुल्क बढ़ने से कारोबारियों की लागत बढ़ेगी, जिसका असर आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ सकता है। ऐसे में बाजार में शराब के दाम बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। विभाग ने लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन रखा है। सभी लाइसेंस धारकों को ई-आबकारी पोर्टल पर अपनी एएक्सडी आईडी के जरिए आवेदन करना होगा। साथ ही फीस जमा करने की समय सीमा भी तय कर दी गई है।
निर्देशों के अनुसार, 28 फरवरी तक केवल मूल लाइसेंस शुल्क जमा करना होगा। अगर कोई लाइसेंस धारक 1 मार्च से 31 मार्च के बीच भुगतान करता है तो उसे मूल शुल्क के साथ 25 प्रतिशत अतिरिक्त राशि देनी होगी। वहीं 1 अप्रैल के बाद भुगतान करने पर 100 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क देना पड़ेगा।
विभाग ने साफ किया है कि तय समय के भीतर फीस जमा न करने वाले लाइसेंस धारकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। जरूरत पड़ने पर उनका परिवहन परमिट रोका जा सकता है या अन्य कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं। सरकार के इस फैसले के बाद अब नजर इस बात पर है कि बाजार में शराब की कीमतों पर इसका कितना असर पड़ता है और उपभोक्ताओं को कितनी बढ़ोतरी का सामना करना पड़ता है।
मेष: दिन शुभ रहेगा...