
नई दिल्ली। LPG सिलेंडर के मामले में सरकार कड़े कदम उठाने जा रही है। इस पहल में सरकार कुछ परिवारों के सिलेंडर बंद कर देगी। इसका कारण मिडल ईस्ट में चल रही जंग और इससे बना संकट है।
सरकार ने ऐसे घरों के लिए LPG सिलेंडर रिफिल कराने पर रोक लगा दी है, जिनके पास PNG कनेक्शन है। ऐसा करके सरकार अपनी रसोई गैस की सप्लाई को सिक्योर करना चाहती है। इसी के चलते सरकार ने यह कड़ा फैसला लिया है। सरकार की तरफ से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार PNG का इस्तेमाल शुरू करने वाले ग्राहकों को 30 दिन के अंदर एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा या भविष्य के लिए ट्रांसफर वाउचर लेना होगा।
सरकार के इस निर्देश के अनुसार पीएनजी कस्टमर को तीन महीने के अंदर एलपीजी कनेक्शन छोड़ने के लिए कहा था। वेस्ट एशिया में चल रहे तनाव और होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी के बाद एनर्जी इम्पोर्ट पर असर पड़ा था। इस कारण देश में एलपीजी सप्लाई पर दबाव बना है। अब सरकार ने नियमों को सख्त करते हुए साफ कर दिया कि पीएनजी कनेक्शन आने के बाद कोई भी ग्राहक एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग नहीं करा सकेगा।
पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मिनिस्ट्री ने नए नियम में आम जनता की सहूलियत का ध्यान रखा है। मिनिस्ट्री के अनुसार, जो ग्राहक पीएनजी पर शिफ्ट हो चुके हैं, वे एक ट्रांसफर वाउचर ले सकते हैं। यदि वे भविष्य में ऐसे एरिया में शिफ्ट होते हैं जहां पीएनजी की सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो वे इस वाउचर की मदद से अपना पुराना एलपीजी कनेक्शन शुरू करा सकेंगे। सरकार के इस कदम से उन कर्मचारियों को राहत मिलेगी, जिनका अक्सर ट्रांसफर होता रहता है। किरायेदारों, छात्रों और प्रवासियों के लिए भी यह व्यवस्था मददगार साबित होगी।
देश जरूरत की 90 फीसदी रसोई गैस का इम्पोर्ट वेस्ट एशिया के देशों से करता है। इसलिए जंग ने देश की चिंता को बढ़ा दी। हालांकि, स्थिति संभालने के लिए सरकार ने अमेरिका, कनाडा और नॉर्वे जैसे दूसरे ग्लोबल मार्केट से ईंधन का आयात करना शुरू कर दिया है। मिनिस्ट्री का कहना है कि जियो-पॉलिटिकल हालातों के बावजूद घरेलू लेवल पर ग्राहकों को एलपीजी की कमी नहीं होने दी जाएगी। पिछले चार दिन के दौरान ही देश में 1.66 करोड़ सिलेंडर की बुकिंग के मुकाबले करीब 1.72 करोड़ सिलेंडर की डिलीवरी हो चुकी है।
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