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लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड: बुझ गए दो घरों के चिराग, बचपन के दो दोस्तों की एक-साथ मौत; परिवारों में मातम

नेशनल डेस्क: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुए भीषण कोचिंग सेंटर अग्निकांड ने कई परिवारों को गहरा दर्द दिया है। इस हादसे में कानपुर के रहने वाले दो युवा दोस्तों सूरज और संयम की भी जान चली गई। दोनों बचपन के दोस्त थे, साथ पढ़े, साथ नौकरी की और दुर्भाग्य से एक ही हादसे में अपनी जिंदगी भी गंवा बैठे।

बचपन की दोस्ती का दर्दनाक अंत

कानपुर के गोविंदनगर निवासी संयम और बर्रा क्षेत्र के रहने वाले सूरज की दोस्ती कई साल पुरानी थी। दोनों ने रतनलाल नगर स्थित दून स्कूल से पढ़ाई की थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद दोनों ने अपने करियर की शुरुआत भी साथ की और एक एनिमेशन स्टूडियो में नौकरी करने लगे। लखनऊ के अलीगंज स्थित एनीमेशन ट्रेनिंग सेंटर में लगी आग के दौरान दोनों वहां मौजूद थे। हादसे में उनकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि संभवतः दोनों ने आग और धुएं से बचने के लिए किसी कमरे या बाथरूम में शरण ली थी, लेकिन जहरीले धुएं के कारण उनका दम घुट गया।

 

घर पहुंचा शव तो मचा कोहराम

मंगलवार तड़के संयम और सूरज के शव उनके घर पहुंचाए गए। जैसे ही शव घर पहुंचे, परिवारों में मातम छा गया। संयम की मां सोनिया बेटे के शव को देखकर बार-बार रोते हुए उसे आवाज देती रहीं। उनका कहना था कि बेटा बिना कुछ बताए हमेशा के लिए चला गया। परिवार के अन्य सदस्य भी खुद को संभाल नहीं पा रहे थे। रिश्तेदारों और मोहल्ले के लोगों ने बताया कि संयम बेहद मिलनसार और शांत स्वभाव का युवक था। उसकी शादी और भविष्य को लेकर परिवार ने कई सपने देखे थे, जो एक पल में टूट गए।

दादी के संस्कार वाले दिन उठी बेटे की अर्थी

संयम के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उसकी दादी का 17 दिन पहले निधन हुआ था और मंगलवार को उनका सत्रहवां संस्कार होना था। परिवार उस कार्यक्रम की तैयारी कर रहा था, लेकिन उसी दिन संयम का शव घर पहुंच गया। यह दृश्य देखकर पूरे मोहल्ले की आंखें नम हो गईं। सूरज के परिवार को पहले बताया गया था कि वह हादसे में घायल हुआ है और उसे अस्पताल से लाया जा रहा है, लेकिन जब सुबह उसके घर शव पहुंचा तो परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां मीरा अपने बेटे के शव से लिपटकर रोती रहीं। उन्होंने बताया कि हादसे से एक दिन पहले ही बेटे ने फोन पर कहा था कि वह सुरक्षित पहुंच गया है और मां अपना ख्याल रखें। अब उसी बेटे के बिना परिवार खुद को अकेला महसूस कर रहा है।

शादी की तैयारी कर रहा था सूरज

परिजनों के अनुसार, सूरज कुछ दिन पहले ही शादी के लिए लड़की देखने कानपुर आया था। वह परिवार की बड़ी जिम्मेदारियां निभा रहा था। तीन साल पहले उसके पिता की एक हादसे में मौत हो चुकी थी। इसके बाद मां, छोटे भाई और बहन की जिम्मेदारी सूरज के कंधों पर आ गई थी। हादसे की खबर मिलने के बाद उसके एक रिश्तेदार लखनऊ जा रहे थे, लेकिन रास्ते में उनकी कार भी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हालांकि इस हादसे में कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ।

अलीगंज में कोचिंग सेंटर की इमारत में लगी भीषण आग

यह दर्दनाक हादसा लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में स्थित एक तीन मंजिला इमारत में हुआ। इमारत में एनीमेशन प्रशिक्षण केंद्र, गेमिंग जोन और विद्यार्थियों के लिए कोचिंग क्लास संचालित की जाती थी। जानकारी के अनुसार, दोपहर के समय इमारत के एक हिस्से में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया। ऊपरी मंजिलों पर मौजूद कई छात्र-छात्राएं अंदर फंस गए। कुछ लोगों ने जान बचाने के लिए ऊंचाई से छलांग लगा दी, जिससे वे घायल हो गए। पुलिस, फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ की टीमों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन आग की भयावहता के कारण कई लोगों को बचाया नहीं जा सका।

कई छात्रों की मौत

रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान इमारत से कई शव निकाले गए। वहीं गंभीर रूप से झुलसे और घायल छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट या एयर कंडीशनर के कंप्रेसर में विस्फोट को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि घटना की विस्तृत जांच जारी है।

मुख्यमंत्री और रक्षा मंत्री ने लिया जायजा

हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपना कार्यक्रम छोड़कर लखनऊ लौट आए और घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को राहत कार्य तेज करने और घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिस प्रशासन ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

मृतकों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा

इस दुखद घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। वहीं उत्तर प्रदेश सरकार ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है।

 

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