Last Updated: October 7, 2026

Dainik Savera Times Logo

मुंबई में मानसून की एंट्री के साथ जलभराव, कई इलाकों में लोगों की बढ़ी मुश्किलें

June 24, 2026

मुंबई में मानसून की एंट्री के साथ जलभराव, कई इलाकों में लोगों की बढ़ी मुश्किलें

नेशनल डेस्क: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में करीब दो सप्ताह की देरी के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने जोरदार दस्तक दे दी है। मानसून के पहुंचते ही शहर और आसपास के इलाकों में भारी बारिश शुरू हो गई, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली। हालांकि बारिश के कुछ ही घंटों बाद शहर के कई हिस्सों में जलभराव की समस्या सामने आ गई, जिससे आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया था। कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ बिजली चमकने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका जताई गई थी।

कई इलाकों में जलभराव से जनजीवन प्रभावित

भारी बारिश के बाद मुंबई के कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया। इससे बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की मानसून पूर्व तैयारियों पर सवाल उठने लगे हैं। नगर निगम ने बारिश से पहले नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था मजबूत करने का दावा किया था, लेकिन पहली ही तेज बारिश में कई जगहों पर पानी जमा हो गया। मालाड पूर्व के कुरार विलेज स्थित कोंकणीपाड़ा इलाके में सबसे ज्यादा परेशानी देखने को मिली। स्थानीय लोगों का कहना है कि आसपास चल रहे निर्माण कार्यों के कारण प्राकृतिक जल निकासी का रास्ता बाधित हो गया है। इसके चलते बारिश का पानी सीधे रिहायशी क्षेत्रों और घरों में घुस रहा है।

घरों में कमर तक भरा पानी

मंगलवार देर रात हुई तेज बारिश के बाद दिंडोशी क्षेत्र के कोंकणीपाड़ा और कुरार विलेज में कई घरों में कमर तक पानी भर गया। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। कई परिवारों के घरों में रखा राशन, कपड़े, फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक सामान पानी में डूब गया, जिससे आर्थिक नुकसान की आशंका बढ़ गई है। इसके अलावा सायन सबवे, एलबीएस रोड कुर्ला, सायन गांधी मार्केट, अंधेरी, बांद्रा, गोरेगांव, मलाड और अन्य इलाकों में भी जलभराव की खबरें सामने आई हैं।

 

जलभराव की स्थिति पर BMC अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। कई अंडरपास और सबवे में वाहनों के प्रवेश को रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि कोई हादसा न हो। कुछ वाहन चालक चेतावनी के बावजूद पानी से भरे रास्तों से गुजरने की कोशिश कर रहे थे। एक ऑटो रिक्शा भी पानी में फंस गया था, जिसे कर्मचारियों ने सुरक्षित बाहर निकाला।

 अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना

मौसम विभाग ने 24 जून से 30 जून तक महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। वहीं मध्य महाराष्ट्र के कुछ जिलों के लिए 26 जून को ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कोंकण क्षेत्र में भी कई स्थानों पर तेज बारिश की संभावना जताई गई है। मराठवाड़ा में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ जगहों पर बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है।

मानसून में देरी का असर

इस वर्ष मानसून के देर से पहुंचने के कारण लोगों को लंबे समय तक गर्मी और उमस का सामना करना पड़ा। हालांकि महाराष्ट्र में मानसून के आगमन की घोषणा 8 जून को कर दी गई थी, लेकिन उसके बाद कई क्षेत्रों में अपेक्षित बारिश नहीं हुई। IMD के आंकड़ों के अनुसार, 22 जून तक देशभर में सामान्य से लगभग 43 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। वहीं मध्य भारत में यह कमी करीब 67 प्रतिशत रही।

पिछले वर्ष मानसून 26 मई को मुंबई पहुंच गया था, जो सामान्य समय से लगभग 16 दिन पहले था। इसे पिछले 75 वर्षों में सबसे जल्दी पहुंचने वाले मानसून में से एक माना गया था। इसके विपरीत इस बार मानसून करीब दो सप्ताह की देरी से 23 जून को मुंबई पहुंचा। इससे पहले 2019 और 2023 में भी मानसून 25 जून के आसपास मुंबई पहुंचा था।

 

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें