Site icon Dainik Savera Times

लखनऊ के पटाखा फैक्ट्री में हुआ भीषण विस्फोट, कई लोगों की मौत, CM योगी ने जताया शोक

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के डंबा क्षेत्र के बेहटा इलाके में आज सुबह एक पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट हो गया। बता दें कि हादसे में अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।

इलाके में मची अफरा-तफरी

सुबह के समय जब फैक्ट्री में रोज़मर्रा का काम चल रहा था, तभी एक अचानक तेज धमाका हुआ। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि फैक्ट्री की छत ढह गई और आसपास की इमारतों के शीशे टूट गए। चश्मदीदों के अनुसार, धमाके के बाद धुएं का घना गुबार पूरे इलाके में फैल गया और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

दमकल की पांच गाड़ियाँ मौके पर पहुंची

हादसे की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की पाँच गाड़ियाँ घटनास्थल पर भेजी गईं। पुलिस की कई टीमें और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) को भी राहत और बचाव कार्य में लगाया गया है। मलबे में अभी भी कुछ लोगों के दबे होने की आशंका है, जिन्हें निकालने के प्रयास जारी हैं।

मृतकों में एक ही परिवार के सदस्य शामिल

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वालों में फैक्ट्री में काम कर रहे आलम, उनकी पत्नी और उनके दो बेटे शामिल हैं। ये सभी विस्फोट के वक्त फैक्ट्री के अंदर मौजूद थे। पुलिस अन्य मृतकों और घायलों की पहचान करने में जुटी हुई है।

सीएम योगी ने हादसे पर दी प्रतिक्रिया 

सीएम योगी ने जनपद लखनऊ में पटाखा फैक्ट्री में हुए हादसे का संज्ञान लिया है। उन्होंने मृतक के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

मुख्यमंत्री जी ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में तेजी लाने और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उनके समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं। साथ ही, घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘विमुक्त जाति दिवस’ समारोह में कहा, “वास्तव में ये जातियां(विमुक्त) कौन हैं? ये वो जातियां हैं जिन्होंने देश में विदेशी हमलों को रोकने के लिए योद्धा के रूप में काम किया… जब ब्रिटिश सरकार ने देखा कि ये जातियां उन्हें लंबे समय तक शासन नहीं करने देंगी, तो उन्होंने आपराधिक जनजाति अधिनियम 1871 बनाया और भारत की उन सभी योद्धा जातियों को आपराधिक जनजाति घोषित करके उनके जीवन के साथ छल किया… 31 अगस्त 1952 को बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के प्रयासों से इन सभी जातियों को आपराधिक जनजाति से मुक्ति मिली, जिसके बाद उन्हें आगे बढ़ने का अवसर भी मिला…”

Exit mobile version