
नेशनल डेस्क। महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। जहां, एक व्यक्ति ने पंचायत चुनाव लड़ने की लालच में अपनी ही मासूम बेटी की हत्या कर दी। उसकी सोच थी कि अगर एक बच्ची कम हो जाएगी तो वह चुनाव लड़ने के योग्य हो जाएगा।
दो से ज्यादा बच्चों पर चुनाव लड़ने की रोक
महाराष्ट्र पंचायत राज कानून के अनुसार, जिस व्यक्ति के दो से ज्यादा बच्चे होते हैं, वह पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकता। आरोपी पांडुरंग कोंडमंगले के तीन बच्चे थे। एक 3 साल का बेटा, 6 साल की जुड़वां बेटियां। इसी नियम की वजह से वह चुनाव नहीं लड़ पा रहा था। सरपंच बनने की उसकी महत्वाकांक्षा इतनी बढ़ गई कि उसने अपनी ही बेटी को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।
गोद देने का प्लान भी फेल
पुलिस के अनुसार, पांडुरंग ने गांव के मौजूदा सरपंच गणेश शिंदे से इस बारे में बात की। दोनों ने सोचा कि बच्ची को किसी को गोद दे दिया जाए या कहीं छोड़ दिया जाए, ताकि बच्चों की संख्या कम दिखाई दे। लेकिन यह योजना इसलिए काम नहीं कर पाई क्योंकि बच्ची का नाम पहले से ही जन्म प्रमाण पत्र (बर्थ सर्टिफिकेट) में दर्ज था। कानूनी रिकॉर्ड से उसका नाम हटाना आसान नहीं था।
फिर रची गई हत्या की साजिश
जब गोद देने की योजना नाकाम हो गई, तो पांडुरंग ने अपनी ही बेटी की हत्या करने का फैसला कर लिया। उसने पूरी घटना को हादसा दिखाने की योजना बनाई, ताकि किसी को शक न हो।
लाश को तेलंगाना ले जाकर नहर में फेंका
हत्या करने के बाद आरोपी बच्ची की लाश को बाइक पर रखकर महाराष्ट्र से तेलंगाना के निजामाबाद पहुंचा। वहां उसने निजामसागर नहर में बच्ची का शव फेंक दिया। नहर के पास खेतों में काम कर रहे लोगों ने पानी में कुछ गिरने की आवाज सुनी। जब वे देखने पहुंचे, तो उन्हें पानी में एक बच्ची की लाश तैरती हुई दिखाई दी। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
तस्वीरों से खुला राज
पुलिस ने बच्ची की पहचान के लिए उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया और अखबारों में जारी कीं। नांदेड़ जिले के उसी गांव के एक व्यक्ति ने तस्वीर देखकर बच्ची को पहचान लिया और पुलिस को जानकारी दी। इसके बाद पुलिस पांडुरंग के घर पहुंची और उससे पूछताछ की।
पहले झूठ बोला, फिर कबूल किया जुर्म
शुरुआत में पांडुरंग ने पुलिस से झूठ कहा कि उसकी बेटी का कहीं इलाज चल रहा है। लेकिन जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो वह टूट गया और अपना गुनाह कबूल कर लिया।
पूरे इलाके में सदमे का माहौल
इस घटना के सामने आने के बाद पूरे गांव और आसपास के इलाके में दहशत और गुस्से का माहौल है। लोग हैरान हैं कि एक पिता अपनी ही संतान के साथ ऐसा कैसे कर सकता है — वो भी सिर्फ चुनाव लड़ने की महत्वाकांक्षा के लिए।