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महुआ मोइत्र ने मुझे अपना संसद लॉगिन और पासवर्ड दिया : दर्शन हीरानंदानी

October 20, 2023

महुआ मोइत्र ने मुझे अपना संसद लॉगिन और पासवर्ड दिया : दर्शन हीरानंदानी

नई दिल्ली: दुबई में कारोबार चला रहे व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी ने कहा है कि तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्र ने जरूरत पड़ने पर उनकी ओर से सीधे सवाल पोस्ट करने के लिए उन्हें अपना संसद लॉगिन और पासवर्ड दिया।हीरानंदानी ने एक हलफनामे में कहा, ’मेरे साथ कुछ जानकारी साझा की गई, जिसके आधार पर जब भी जरूरत पड़ी, मैंने उनके संसदीय लॉगिन का उपयोग करके सवालों का मसौदा तैयार करना और पोस्ट करना जारी रखा।’

उनहोंने कहा, ‘महत्वपूर्ण बात यह है कि वह भी मुझसे बार-बार मांगें करती थीं और मुझसे तरह-तरह की मदद मांगती रहती थीं, जिन्हें मुझे उसके करीब रहने और उनका समर्थन पाने के लिए पूरा करना पड़ता था। जो मांगें की गईं और जो मदद मांगी गई, उनमें उपहार देना भी शामिल था। उनकी महंगी विलासिता की वस्तुएं, दिल्ली में उनके आधिकारिक तौर पर आवंटित बंगले के नवीनीकरण, यात्र व्यय, छुट्टियों आदि में मदद करने के अलावा, भारत के भीतर और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में उनकी यात्र के लिए सचिवीय और रसद सहायता दी गई।व्यवसायी ने कहा, ‘मैं उन्हें नाराज करने का जोखिम नहीं उठा सकता था। कई बार मुझे लगा कि वह मेरा अनुचित फायदा उठा रही थीं और मुझ पर वह काम करने के लिए दबाव डाल रही थी जो मैं नहीं करना चाहता था, लेकिन मेरे पास कोई विकल्प नहीं था।‘

हीरानंदानी ने कहा, ‘चूंकि यह मामला सीधे तौर पर मुझसे जुड़ा है और संसदीय विशेषाधिकार समिति के साथ एक राजनीतिक विवाद में बदल गया है और न्यायपालिका ने भी अब इस मामले को अपने हाथ में ले लिया है, मैं सार्वजनिक हित में इस शपथपत्र के माध्यम से तथ्यों को बताना मेरे लिए अनिवार्य समझता हूं।‘हीरानंदानी ने कहा, ‘मैं महुआ को तब से जानता हूं, जब मैं उनसे बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट 2017 में मिला था, जब वह पश्चिम बंगाल की विधायक थीं और समिट में आने वाले उद्योगपतियों के साथ बात करने के लिए नामित की गई थीं। समिट में उनके साथ मेरी बातचीत में मैंने उन्हें जानकार और स्पष्टवादी पाया।। हमने संपर्क विवरण का आदान-प्रदान किया और तब से संपर्क में रहे। समय के साथ वह मेरी एक करीबी निजी दोस्त रही हैं।‘उन्होंने आगे कहा, ‘उनके साथ बातचीत के दौरान मैंने पाया कि वह एक प्रतिभाशाली बुद्धिजीवी और ऐसे जन प्रतिनिधियों में से एक हैं, जो अर्थव्यवस्था और व्यावसायिक मामलों को अच्छी तरह से समझती हैं। मेरा मानना है कि उन्होंने मुझे बुद्धिमान पाया.. शायद हमारे लिए घनिष्ठ मित्रता का यह एक और कारण था।’’

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