जालंधर। Make donations on Chaitra Purnima हमारे समाज में चैत्र पूर्णिमा का विशेष स्थान हैत्र इस दिन दान करना शुभ माना जाता है। चैत्र मास की पूर्णिमा का स्थान सबसे ऊंचा माना जाता है।
आज ही के दिन संकटमोचन हनुमान जी का जन्मोत्सव भी मनाया जाता है। पंचांग के अनुसार, साल 2026 में चैत्र पूर्णिमा का पर्व 2 अप्रैल 2026 को मनाया जाएगा। यदि बात करें ज्योतिष की तो चैत्र पूर्णिमा के दिन किए गए दान-पुण्य से न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि घर में सुख-समृद्धि का वास भी होता है।
अगर आप भी चाहते हैं कि आपका घर साल भर खुशियों से भरा रहे, तो इस चैत्र पूर्णिमा पर राशि और परंपरा के अनुसार कुछ विशेष चीजों का दान जरूर करें। अन्न (गेहूं, चावल) का दान: इस दिन गरीब और जरूरतमंद लोगों को अन्न दान करना बेहद पुण्यदायी माना जाता है। इससे घर में कभी अन्न की कमी नहीं होती।
जल और घड़ा दान : गर्मी की शुरूआत में पानी से भरा घड़ा या मटका दान करना बहुत शुभ होता है। इससे प्यासे को राहत मिलती है और पुण्य की प्राप्ति होती है।
कपड़ों का दान करें : नए या साफ-सुथरे कपड़े दान करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है। यह दान दरिद्रता को दूर करने वाला माना जाता है।
गुड़ और शक्कर का दान करें : मीठी चीजों का दान करने से रिश्तों में मिठास बनी रहती है और परिवार में प्रेम बढ़ता है।
फल और भोजन दान करें : गरीबों को भोजन करवाना या फल दान करना सबसे बड़ा पुण्य माना गया है। इससे भगवान की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
दीपक और घी का दान करें : मंदिर में दीपक जलाना या घी दान करना अंधकार को दूर कर जीवन में उजाला लाने का प्रतीक है।
चैत्र पूर्णिमा पर विशेष उपाय
भगवान विष्णु और हनुमान जी की पूजा करें। सत्यनारायण कथा का पाठ करें। शाम को दीपदान अवश्य करें।
चैत्र पूर्णिमा का धार्मिक महत्व
चैत्र पूर्णिमा को भगवान विष्णु, चंद्रदेव और भगवान हनुमान की पूजा का विशेष दिन माना जाता है। इस दिन गंगा स्नान, व्रत, पूजा और दान करने से सभी पापों का नाश होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए पुण्य कर्म कई गुना फल देते हैं और व्यक्ति को मानसिक शांति व सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।
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