Last Updated: September 21, 2026

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TMC सांसद अभिषेक बनर्जी पर हमला, ममता बनर्जी ने सुरक्षा और इलाज व्यवस्था को लेकर BJP पर लगाए गंभीर आरोप

May 31, 2026

TMC सांसद अभिषेक बनर्जी पर हमला, ममता बनर्जी ने सुरक्षा और इलाज व्यवस्था को लेकर BJP पर लगाए गंभीर आरोप

नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने पार्टी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले को लेकर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने घटना के बाद की सुरक्षा व्यवस्था और अस्पताल में हुए इलाज को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। ममता का कहना है कि एक जनप्रतिनिधि पर हमला होना बेहद चिंताजनक है और इसके बाद इलाज के दौरान जो परिस्थितियां बनीं, वे भी कई सवाल खड़े करती हैं।

अस्पताल में इलाज को लेकर जताई नाराजगी

शनिवार रात पत्रकारों से बातचीत करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि यदि अभिषेक बनर्जी की हालत ऐसी नहीं थी कि उन्हें अस्पताल में भर्ती किया जाए, तो फिर उन्हें पहले आईटीयू में क्यों ले जाया गया। उन्होंने सवाल किया कि डॉक्टरों ने उन्हें करीब दो घंटे तक निगरानी में क्यों रखा और कई तरह के मेडिकल टेस्ट व स्कैन कराने की सलाह क्यों दी। अभिषेक शाम लगभग 8:15 बजे से रात 11 बजे तक डॉक्टरों की निगरानी में रहे। उनका कहना था कि जब डॉक्टर किसी मरीज के इलाज और जांच को जरूरी समझते हैं, तो उस प्रक्रिया में किसी बाहरी दबाव या हस्तक्षेप की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।

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डॉक्टरों पर दबाव डालने का आरोप

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों पर बाहरी दबाव बनाया गया। उन्होंने कहा कि मरीज के इलाज से जुड़े सभी फैसले डॉक्टरों को स्वतंत्र रूप से लेने चाहिए। किसी राजनीतिक दल या अन्य संस्था को चिकित्सा संबंधी निर्णयों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। राजनीति में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए और लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी को सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए।

हेलमेट ने बचाई जान

ममता बनर्जी ने बताया कि शुरुआती मेडिकल जांच में अभिषेक बनर्जी के चेहरे, गर्दन, छाती और पीठ पर चोट के निशान पाए गए थे। डॉक्टरों ने किसी अंदरूनी चोट, फ्रैक्चर या ब्लीडिंग की संभावना को देखते हुए एक्स-रे और अन्य स्कैन कराने की सलाह दी थी। यह घटना गंभीर हो सकती थी। यदि उस समय अभिषेक ने हेलमेट नहीं पहना होता, तो स्थिति और अधिक खतरनाक हो सकती थी। हेलमेट की वजह से सिर को गंभीर चोट लगने से बचाव हुआ।

सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल

मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पुलिस को कार्यक्रम और दौरे की पहले से जानकारी थी, फिर भी सुरक्षा में चूक कैसे हुई। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि घटना के पीछे की सच्चाई सामने आ सके।

भाजपा पर लगाए आरोप

ममता बनर्जी ने इस मुद्दे पर भाजपा और पुलिस प्रशासन की आलोचना करते हुए कहा कि सभी राजनीतिक दलों को कानून और नियमों के दायरे में रहकर काम करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इलाज जैसी मानवीय प्रक्रिया में भी अनावश्यक बाधाएं पैदा की गईं। ऐसी स्थिति नहीं होनी चाहिए, जहां किसी मरीज को इलाज कराने के लिए भी अनुमति लेने की जरूरत पड़े। ममता ने इसे अमानवीय व्यवहार बताया और कहा कि मरीज की सुरक्षा और स्वास्थ्य सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

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अस्पताल ने जारी किया अपना पक्ष

वहीं बेले व्यू अस्पताल की ओर से जारी बयान में कहा गया कि अभिषेक बनर्जी पूरी तरह होश में हैं और सामान्य रूप से बातचीत कर रहे हैं। उनकी छाती पर मामूली चोट के कुछ निशान मिले हैं, लेकिन कोई गंभीर चोट सामने नहीं आई है। इसी कारण डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता नहीं समझी।

 

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