कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बृहस्पतिवार को कहा कि उन्होंने सरकारी अस्पतालों के कनिष्ठ चिकित्सकों को कोई धमकी नहीं दी है। ये चिकित्सक आरजी कर अस्पताल की एक महिला चिकित्सक से कथित तौर पर दुष्कर्म और फिर उसकी हत्या की घटना के विरोध में 21 दिन से हड़ताल पर हैं। बनर्जी ने कहा कि कुछ लोगों ने उन पर प्रदर्शन कर रहे कनिष्ठ चिकित्सकों को धमकाने का आरोप लगाया है, जो ‘‘पूरी तरह से गलत’’ है।
I detect a malicious disinformation campaign in some print, electronic and digital media which has been unleashed with reference to a speech that I made in our students’ programme yesterday.
Let me most emphatically clarify that I have not uttered a single word against the…
— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) August 29, 2024
उन्होंने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘मैं साफ तौर पर कहना चाहती हूं कि मैंने (मेडिकल आदि) छात्रों या उनके प्रदर्शन के खिलाफ एक भी शब्द नहीं कहा है। मैं उनके आंदोलन का पूरा समर्थन करती हूं। उनका आंदोलन जायज है। मैंने उन्हें कभी धमकी नहीं दी। धमकी देने का यह आरोप पूरी तरह से झूठा है।’’ तृणमूल कांग्रेस छात्र परिषद द्वारा आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने बुधवार को बंगाल के प्रदर्शनकारी कनिष्ठ चिकित्सकों से तत्काल काम पर लौटने के लिए विचार करने का आग्रह किया था और कहा था कि वह हड़ताली चिकित्सकों के करियर को ध्यान में रखते हुए उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं करना चाहतीं।
प्रदर्शनकारी चिकित्सकों का मानना है कि मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी ‘‘परोक्ष रूप से धमकी’’ है और चिकित्सकों ने काम पर लौटने की उनकी अपील को मानने से इनकार कर दिया।
बनर्जी ने यह भी कहा, ‘‘मैंने भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ बोला है। मैंने उनके खिलाफ इसलिए बोला है क्योंकि भारत सरकार के समर्थन से वे हमारे राज्य में लोकतंत्र को खतरे में डाल रहे हैं और अराजकता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। मैंने उनके खिलाफ आवाज उठाई है।’’
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