नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को चिट्ठी लिखकर कहा कि राज्य में लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ छेड़छाड़ की साजिश हो रही है।
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ममता बनर्जी ने पत्र में क्या-क्या लिखा?
ममता बनर्जी ने कहा कि BJP के कुछ लोग (एजेंट) पकड़े गए हैं, जो पश्चिम बंगाल के चीफ इलेक्शन ऑफिसर के दफ्तर में बड़ी संख्या में फॉर्म-6 भर रहे थे। यह फॉर्म नए वोटर जोड़ने के लिए इस्तेमाल होता है। उनके मुताबिक, ये फॉर्म असली वोटरों के लिए नहीं, बल्कि बाहर के लोगों और गैर-निवासियों को वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए भरे जा रहे थे।
उन्होंने इसे “वोटर हाइजैक” यानी वोटरों को गलत तरीके से जोड़कर चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश बताया। ममता का कहना है कि ऐसा ही तरीका पहले महाराष्ट्र और दिल्ली जैसे राज्यों में भी अपनाया गया था। मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि जहां एक तरफ 60 लाख से ज्यादा असली वोटरों के आवेदन अभी भी लंबित पड़े हैं, वहीं दूसरी तरफ इन संदिग्ध (फर्जी) आवेदन पर जल्दी-जल्दी काम किया जा रहा है। उन्होंने इसे गैर-कानूनी और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के खिलाफ बताया।
ECI इन गतिविधियों को तुरंत रोके, ममता बनर्जी की मांग
उन्होंने चुनाव आयोग (ECI) से मांग की कि इस तरह की गतिविधियों को तुरंत रोका जाए। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए। 28 फरवरी 2026 को फाइनल वोटर लिस्ट जारी होने के बाद कोई फर्जी नाम न जोड़ा जाए। चिट्ठी में ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि अगर ये आरोप सही हैं, तो यह पूरी तरह गैर-संवैधानिक और लोकतंत्र के खिलाफ है। लोगों को पारदर्शिता (ट्रांसपेरेंसी) और अपने वोट के अधिकार की सुरक्षा मिलनी चाहिए।
इसके अलावा, उन्होंने BJP पर यह भी आरोप लगाया कि वह राज्य में दंगे भड़काने की कोशिश कर रही है। एक जनसभा में उन्होंने कहा कि अगर BJP सत्ता में आती है, तो लोगों की खाने-पीने की आज़ादी पर भी असर पड़ सकता है।

