
कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर कथित हमले पर पश्चिम बंगाल की राजनीति गर्म है। ममता बनर्जी ने दावा किया कि इस घटना के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने खुद उनसे संपर्क कर अभिषेक का स्वास्थ्य जाना।
यदि बात की जाए ममता की तो उनका कहना है कि राहुल गांधी ने न केवल चिंता जताई बल्कि जरूरत पड़ने पर हरसंभव मदद और बेहतर उपचार की व्यवस्था कराने का भी आश्वासन दिया। इस बयान ने विपक्षी दलों के बीच आपसी संवाद और राजनीतिक सहयोग के लिए नई चर्चाओं का रास्ता साफ किया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने दावा किया है कि टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उनसे सीधे संपर्क किया।
उनका कहना है कि राहुल गांधी ने अभिषेक के स्वास्थ्य के लिए चिंता जताई और जरूरत पड़ने पर हर संभव मदद का भरोसा दिया। कहा कि राहुल गांधी ने उन्हें फोन कर पूछा कि अभिषेक की तबीयत कैसी है और यदि किसी भी तरह की सहायता की जरूरत हो तो वह उपलब्ध कराएंगे। ममता ने बताया कि राहुल ने यहां तक कहा कि आवश्यकता पड़ने पर अभिषेक को बेहतर इलाज के लिए हैदराबाद या किसी अन्य स्थान भी ले जाया जा सकता है। अभिषेक वहां चुनाव बाद हुई हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे थे। घटना के दौरान सामने आए वीडियो में कुछ लोगों को पत्थर, अंडे और जूते फेंकते हुए देखा गया, जबकि प्रदर्शनकारी टीएमसी नेता के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।
घटनास्थल के वीडियो में यह भी दिखाई दिया कि सुरक्षा कर्मी अभिषेक बनर्जी को भीड़ से निकालकर सुरक्षित स्थान पर ले जा रहे हैं। धक्का-मुक्की के दौरान उनकी शर्ट भी फट गई थी। ममता ने कहा कि अस्पताल प्रशासन के एक अधिकारी ने उन्हें बताया कि पुलिस की ओर से उन्हें लगातार धमकी भरे फोन आ रहे हैं। उनके अनुसार, डॉक्टर स्थिति से परेशान हैं लेकिन दबाव के कारण खुलकर कुछ नहीं कह पा रहे। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने कहा कि किसी सांसद पर हमला केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं है, बल्कि उन लोगों पर भी हमला है जिन्होंने उसे चुनकर संसद भेजा है।
राहुल ने इसे लोकतंत्र पर सीधा हमला बताते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेद कभी भी हिंसा का कारण नहीं बन सकते। उन्होंने केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार से दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की।
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