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आमरण अनशन से उठे मनीषा के पिता, जानें क्यों रोने लगीं महिलाएं

Manisha's father ends his fast unto death

Manisha's father ends his fast unto death

Manisha’s father ends his fast unto death : भिवानी। एक पिता की पीड़ा उस समय सड़क पर छलक पड़ी, जब अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग लेकर आमरण अनशन पर जा रहे संजय कुमार को रास्ते में ही रोक दिया गया। कुड़ल बास गांव के पास पुलिस की कार्रवाई के बाद माहौल भावुक और तनावपूर्ण हो गया।

संवेदनाओं में बदल गया गांव का दर्द

ग्रामीणों की आंखों में आंसू थे, महिलाओं का विलाप सुनाई दे रहा था और न्याय की आस में जुटे लोग सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। देखते ही देखते यह केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक परिवार के दर्द और पूरे गांव की संवेदनाओं का प्रतीक बन गया। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने कुड़ल बास गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे। इस बीच डीसी कार्यालय में पहले से मौजूद कांग्रेस के शहरी जिला अध्यक्ष प्रदीप गुलिया और उनके समर्थकों को भी पुलिस ने वहां से हटा दिया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच तीखी बहस भी हुई।

तनाव में बदल गया परिसर का माहौल

कुछ समय तक कार्यालय परिसर में तनाव का माहौल बना रहा। पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार के आश्वासन के बाद संजय कुमार ने अपना आमरण अनशन समाप्त कर दिया। संजय कुमार ने बताया कि उनकी प्रमुख मांग है कि पहले इस मामले की जांच करने वाले सीबीआई अधिकारी ही परिवार के सामने आकर पूरी जांच की जानकारी दें। एसपी ने एक सप्ताह के भीतर सीबीआई अधिकारियों से मुलाकात कराने का भरोसा दिया है। इस बैठक में संजय कुमार, उनके परिवार के सदस्य और संघर्ष समिति के पांच प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसी आश्वासन के बाद अनशन समाप्त करने का फैसला लिया गया।

10 महीने भी पिता के हाथ खाली

संजय कुमार का कहना है कि उनकी बेटी की मौत को करीब 10 महीने हो चुके हैं, लेकिन अब तक सीबीआई ने यह स्पष्ट नहीं किया कि आखिर उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। परिवार लगातार मामले का खुलासा करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहा है। मनीषा 11 अगस्त 2025 को अपने गांव ढाणी लक्ष्मण से प्ले स्कूल में ड्यूटी के लिए निकली थी। इसके बाद उसने नर्सिंग कॉलेज में एडमिशन के लिए जाने की बात कही, लेकिन वह वापस घर नहीं लौटी। 13 अगस्त को उसका शव सिंघानी गांव के खेतों में मिला। इसके बाद परिवार ने हत्या का आरोप लगाया।

तीन बार कराया था मनीषा का पोस्टमॉर्टम

पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया, लेकिन 18 अगस्त को जांच के बाद इसे आत्महत्या का मामला बताया। इस निष्कर्ष के विरोध में लोगों ने बड़े स्तर पर प्रदर्शन किए। बढ़ते विवाद के बीच मनीषा का तीसरी बार दिल्ली एम्स में पोस्टमॉर्टम कराया गया। बाद में 26 अगस्त 2025 को मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई। तब से परिवार जांच पूरी होने और सच्चाई सामने आने का इंतजार कर रहा है।

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