
Shimla: राजधानी शिमला में लगातार हो रही बारिश एक बार फिर आफत बनकर टूटी है। गुरुवार देर रात हिमलैंड के समीप भारी भूस्खलन होने से मुख्य सकरुलर मार्ग बंद हो गया, जबकि पास का एक भवन खतरे की जद में आ गया है। एहतियातन भवन को खाली करवा लिया गया है। उधर, लोक निर्माण विभाग की टीम मशीनरी सहित सड़क की बहाली में जुट गई है। जिला प्रशासन ने भूस्खलन के कारण सुरक्षा की दृष्टि से सेंट एडवर्ड स्कूल को दो दिन के लिए बंद रखने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में डीसी शिमला अनुपम कश्यप ने अधिसूचना जारी कर दी है।
यातायात व्यवस्था अस्त-व्यस्त
इस भूस्खलन का असर यातायात पर भी पड़ा है। सचिवालय खलिनी, बीसीएस, पंथाघाटी, विकासनगर और छोटा शिमला जाने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वाहनों की आवाजाही केवल लिफ्ट से टिम्बर हाउस और छोटा शिमला से टॉलैंड तक ही हो रहे हैं। जिसकी वजह से स्कूल के बच्चों को स्कूल पहुंचने और कर्मचारियों को कार्यालय पहुंचने पर परेशानी का सामना करना पड़ा। जिला प्रशासन की टीम मलबा हटाने और सड़क बहाल करने के काम में जुटी है।
भवन को खतरा, रास्ता खोलने का काम जारी
मौके पर मौजूद अभियंता परवीन वर्मा ने बताया कि देर रात करीब 1 बजे भारी भूस्खलन हुआ, जिससे भवन पर खतरा मंडराने लगा। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए भवन को खाली करवाया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया। वहीं, भूस्खलन का मलबा हटाने और सड़क बहाल करने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।
16 सितंबर को भी हुआ था बड़ा भूस्खलन
गौरतलब है कि इससे पहले 16 सितंबर को भी हिमलैंड के समीप भारी भूस्खलन हुआ था, जिसमें सड़क किनारे खड़ी कई गाड़ियां मलबे की चपेट में आ गई थीं और यातायात घंटों ठप रहा था। अब एक बार फिर उसी स्थान भूस्खलन हुआ है।
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