नेशनल डेस्क: पहलगाम में हुए आतंकी हमले को एक साल पूरा हो चुका है। अब इस हमले के पीछे का सबसे बड़ा आरोपी सामने आ गया है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस हमले का मास्टरमाइंड साजिद जट्ट है, जो लश्कर और TRF जैसे आतंकी संगठनों से जुड़ा हुआ है। बताया जा रहा है कि साजिद जट्ट इस समय पाकिस्तान में छिपकर रह रहा है। लेकिन वह अपने असली नाम और पहचान के साथ नहीं, बल्कि नाम और हुलिया बदलकर रह रहा है, ताकि कोई उसे पहचान न सके।
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पहचान छिपाने के लिए बार-बार जानकारी बदल रहा
जांच में यह भी सामने आया है कि साजिद जट्ट का असली नाम हबीबुल्लाह तबस्सुम है। उसके पास दो अलग-अलग पहचान पत्र मिले हैं, जिनमें उसके नाम, उम्र और पते में अंतर है। एक आईडी कार्ड (2015) में उसका पता कसूर जिला बताया गया है और जन्म साल 1976 लिखा है। दूसरे कार्ड में इस्लामाबाद के G-6 इलाके का पता है और जन्म साल 1982 दर्ज है। इससे साफ होता है कि वह अपनी पहचान छिपाने के लिए बार-बार जानकारी बदल रहा है।

ISI उसे छिपने में मदद कर रही
खुफिया एजेंसी NIA ने भी अपनी जांच में साजिद जट्ट को ही इस हमले का मुख्य जिम्मेदार बताया है। बताया जा रहा है कि उसी ने कश्मीर के बैसरन घाटी में हमले की साजिश रची थी, जिसमें कई निर्दोष लोगों की जान गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI उसे छिपने में मदद कर रही है। वह अब किसी बड़े आतंकी कमांडर की तरह नहीं, बल्कि एक आम आदमी की तरह रह रहा है। वह साधारण कपड़े पहनता है और पुराने कीपैड फोन का इस्तेमाल करता है ताकि किसी को शक न हो।
यह भी जानकारी मिली है कि साजिद जट्ट पहले जम्मू-कश्मीर में सक्रिय था और एक मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगी थी। इसी वजह से वह लंगड़ाकर चलता है। पाकिस्तान में उसने अपना नया नाम “सलीम लंगड़ा” रख लिया है, ताकि वह एक कमजोर और साधारण व्यक्ति जैसा लगे।
पाकिस्तान में बैठकर हमलों की योजना बनाता है
साजिद जट्ट को अपनी जान का भी डर है। दरअसल, 2022 में उसके एक करीबी साथी की पाकिस्तान में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद उसने अपना ठिकाना बदल लिया और अब एक गुप्त जगह पर रह रहा है। जांच एजेंसियों का कहना है कि कश्मीर में हुए कई हमलों के पीछे उसी का दिमाग रहा है। वह पाकिस्तान के रावलपिंडी और इस्लामाबाद में बैठकर हमलों की योजना बनाता है।
अब इस पूरी जांच के बाद उसकी असली पहचान सामने आ चुकी है। भले ही वह नाम और चेहरा बदलकर छिपने की कोशिश कर रहा हो, लेकिन एजेंसियों के पास उसके खिलाफ मजबूत सबूत हैं। फिलहाल, वह खुद को बचाने की कोशिश में लगा हुआ है।