शिमला: हिमाचल के सराज विधान सभा क्षेत्र के साथ-साथ करसोग व अन्य आपदा प्रभावित क्षेत्रों में लोग मलवे के ढेर में जीवन को तलाशने में जुटे हैं। प्रशासन, सेना, एनडीआरएफ व एसडीआरएफ के जवानों के साथ स्थानीय लोग भी अपनों के इंतजार में हैं। प्राकृतिक आपदा से सर्वाधिक प्रभावित प्रदेश के मंडी जिला का सराज है। सराज के साथ साथ करसोग व नाचन में भी नुकसान हुआ है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर लगातार एक सप्ताह से अपने चनाव क्षेत्र सराज में डटे हैं। सरकार के साथ-साथ जयराम ठाकुर अपने रसूख का इस्तेमाल करते हुए प्रभावितों को राहत पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।
सरकार के साथ-साथ भाजपा व अन्य लोगों ने भी सराज व अन्य प्रभावित क्षेत्रों में राहत भेजी है। राहत सामग्री लेकर प्रभावितों को मीलों पैदल चलना पड़ रहा है, वजह आपदा में सड़कों का तहस नहस होना है। आलम यह है कि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर का स्वयं मानना है कि सराज में हालात देख प्रतीत होता है कि यहां जिदंगी थम सी गई है, मगर ऐसा नहीं है, हौसला बाकी है तथा हौसले के साथ वह लोगों के साथ आगे बढ़ेंगे। राज्य आपदा प्रबंधन केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश में मानसून अब तक 85 जिंदगियां लील ली हैं, 35 लोग लापता हैं। इनमें सराज के देजी गांव के 11 लोग भी शामिल हैं। एक सप्ताह से लापता देजी गांव के इन लोगों का कुछ पता नहीं चल रहा है। सराज में देजी गांव आपदा से सर्वाधिक प्रभावित है।
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