नई दिल्ली : तृणमूल कांग्रेस सांसद सुष्मिता देव ने बुधवार को पार्टी से और राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इससे पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी को एक और झटका लगा है जो राज्य विधानसभा चुनाव में हार के बाद आंतरिक विभाजन से जूझ रही है। सांसद के रूप में देव के इस्तीफे को राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने स्वीकार कर लिया।
साल 2021 में कांग्रेस छोड़कर तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुईं सुष्मिता देव अब भाजपा में शामिल हो सकती हैं। उन्होंने अपना इस्तीफा देने के बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंत विस्वा सरमा से मुलाकात की। सुष्मिता देव ने तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी को लेकर पूछे गए सवालों या अपने भविष्य की राजनीतिक योजनाओं पर कोई भी टिप्पणी नहीं की।
उन्होंने कहा, यह मेरा व्यक्तिगत निर्णय है कि मैं किस तरह की राजनीति करना चाहती हूं और मेरा नेता किसे होना चाहिए। मेरे अपने कारण हैं और इसलिए मैंने यह फैसला किया है। भाजपा में शामिल होने की अटकलों पर उन्होंने कहा, जब मैं फैसला करुंगी तो आपको जानकारी दूंगी। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता संतोष मोहन देव की बेटी सुष्मिता पहले असम के सिलचर से लोकसभा सदस्य रही हैं। वह अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष भी हैं।
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