नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत के आह्वान से प्रेरित होकर, सभी क्षेत्रों के नागरिकों ने पूरे जोश के साथ स्वच्छ भारत पहल में भाग लिया। देशव्यापी अभियान के क्रम में, उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय (एमडीओएनईआर) और उसके सभी संगठनों ने जनभागीदारी की भावना के साथ 1 अक्टूबर, 2023 को ‘एक तारीख, एक घंटा’ अभियान के तहत अपने संबंधित कार्यालयों, स्कूलों, अस्पतालों, पुलिस चौकियों, आसपास के इलाकों आदि में और उनके आसपास स्वच्छता के लिए श्रमदान किया। इससे जुड़े कुल 7 आयोजनों में 640 व्यक्तियों ने भाग लिया और 2 हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र की सफाई की गई। इस अवसर पर एमडीओएनईआर सचिव और एमडीओएनईआर, एनईसी के वरिष्ठ अधिकारी, डॉक्टरों, शिक्षकों और ग्राम प्रधानों और वरिष्ठ जिला अधिकारी प्रमुख प्रतिभागियों में शामिल थे, जिन्होंने सैकड़ों कर्मचारियों और व्यक्तियों को पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रमों में भाग लेने और स्वच्छता को जीवन के तरीके के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
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अभियान के दौरान, एमडीओएनईआर सचिव चंचल कुमार ने नियमित रूप से गतिविधियों की निगरानी की और साथ ही, सभी प्रतिभागियों को प्रेरित किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्वच्छता के लिए श्रमदान केवल एक दिन का काम नहीं होना चाहिए और उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को इसे नियमित अभ्यास बनाने और महीने में कम से कम एक बार विभिन्न स्थानों पर श्रमदान करने की सलाह दी। कुमार ने हाउसकीपिंग स्टाफ के विशेष प्रयासों की भी सराहना की जिन्होंने अपने समर्पित प्रयासों के माध्यम से अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 15 सितंबर से 2 अक्टूबर तक स्वच्छता पखवाड़ा के दौरान, एमडीओएनईआर और उसके एनईसी, एनईडीएफआई, एनईएचएचडीसी, एनईआरएएमएसी और एनईसीबीडीसी जैसे संगठनों ने विभिन्न चिह्नित स्थलों पर सफाई गतिविधियों का आयोजन किया। इस अवधि के दौरान मौजूदा नियमों के तहत निपटान के लिए स्क्रैप वस्तुओं की पहचान की गई।
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एकल-उपयोग वाली प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध, बेहतर निपटान के लिए स्रोत से कचरे को अलग करना, गीले और सूखे कचरे के लिए अलग-अलग डिब्बे का उपयोग जैसी पर्यावरण-अनुकूल प्रथाओं को अपनाने के लिए जागरूकता पैदा की गई। स्वच्छता के प्रति जन जागरूकता पैदा करने के लिए सार्वजनिक स्थानों, एफपीओ आदि में बड़े पैमाने पर श्रमदान गतिविधियां आयोजित की गईं। इस दौरान, कार्य की समीक्षा की गई और स्वच्छता और कचरा प्रबंधन को बढ़ाने के लिए संबंधित संगठनों को सुधार के सुझाव दिए गए। स्वच्छता पखवाड़ा के दौरान स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम के तहत 2,046 व्यक्तियों ने 41 स्वच्छता और जागरूकता गतिविधियों में भाग लिया और 6,275 मानव घंटे का योगदान दिया।