Last Updated: September 22, 2026

Dainik Savera Times Logo

NEET: Re-Exam पेपर लीक के नाम पर साइबर ठगी करने वाले गैंग का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

June 15, 2026

NEET: Re-Exam पेपर लीक के नाम पर साइबर ठगी करने वाले गैंग का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

Neet Cyber Fraud Gang Busted Two Arrested : अहमदाबाद। साइबर क्राइम ब्रांच ने राजस्थान के दो लोगों को गिरफ्तार किया। दोनों पर टेलीग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से री-नीट परीक्षा का प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा करके ठगी का आरोप है।

विज्ञापन के जरिये फैला रहे थे जाल

उन पर आरोप है कि छात्रों और अभिभावकों से ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर नेटवर्क को संचालित करके ठगी की है। जांच में पता लगने के बाद कि कुछ लोग टेलीग्राम के माध्यम से Re-NEET Exam के प्रश्नपत्र और परीक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी होने का दावा कर रहे थे। मामले में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने कई टेलीग्राम चैनल, टेलीग्राम आईडी और ऑनलाइन समूह बनाए थे, जिनमें री-नीट प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने संबंधी संदेश प्रसारित किए जाते थे। परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों और उनके अभिभावकों को विज्ञापनों, पोस्ट और संदेशों के जरिए निशाना बनाया जाता था।

गोपनीय जानकारी के नाम पर लेते थे रुपये

इन माध्यमों से परीक्षा से संबंधित सामग्री और अन्य लाभ उपलब्ध कराने के दावे किए जाते थे। साइबर क्राइम ब्रांच के अनुसार छात्रों और अभिभावकों से प्रश्नपत्र और गोपनीय जानकारी उपलब्ध कराने के नाम पर पैसे लिए जाते थे। जांच एजेंसी का आरोप है कि इन चैनलों का उपयोग भ्रामक जानकारी फैलाने और वित्तीय धोखाधड़ी के लिए किया गया। जांच में सामने आया कि जैसे ही छात्र या अभिभावक आरोपियों के खाते में पैसे ट्रांसफर करते थे, आरोपी उनसे संपर्क समाप्त कर देते थे। ना तो कोई प्रश्नपत्र दिया जाता था और ना ही पैसे वापस किए जाते थे। इस तरह आरोपी परीक्षा को लेकर छात्रों की चिंता और प्रतिस्पर्धा का फायदा उठाकर आर्थिक ठगी को अंजाम दे रहे थे।

पुलिस ने की दो आरोपियों की पहचान

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) शरद सिंघल ने कहा कि यह मामला री-नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने से संबंधित नहीं है। उन्होंने कहा, “सबसे पहले मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि इस मामले में री-नीट परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ था।” सिंघल के अनुसार आरोपियों ने टेलीग्राम समूहों और सोशल मीडिया विज्ञापनों के जरिए यह प्रचार किया कि उनके पास 21 जून को होने वाली री-नीट परीक्षा का प्रश्नपत्र है। पुलिस के अनुसार टेलीग्राम चैनलों, टेलीग्राम आईडी, मोबाइल नंबर, आईपी एड्रेस और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के तकनीकी विश्लेषण तथा मानव स्रोतों से प्राप्त जानकारी के आधार पर दो आरोपियों की पहचान की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुमेर सिंह मीणा और आकाश मीणा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार सुमेर सिंह मीणा इलेक्ट्रॉनिक्स में आईटीआई स्नातक है। वह राजस्थान के जयपुर में महेश नगर, जेडीए पार्क के पास का निवासी है और मूल रूप से सवाई माधोपुर जिले की बौंली तहसील के पुनेता गांव का रहने वाला है। आकाश मीणा अंग्रेजी और हिंदी में बीए स्नातक है। उसे कोटा से गिरफ्तार किया गया। वह मूल रूप से सवाई माधोपुर जिले के रावल गांव का निवासी है।

Also Read :

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें