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PM नरेन्द्र मोदी आज करेंगे ‘सेवा तीर्थ’ और ‘कर्तव्य भवन’ का उद्घाटन, प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव की होगी शुरुआत

New Prime Minister Office

New Prime Minister Office

New Prime Minister Office: देश की प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक और अधिक समन्वित बनाने की दिशा में आज एक अहम कदम उठाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दोपहर 1:30 बजे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की नई इमारत ‘सेवा तीर्थ’ तथा ‘कर्तव्य भवन-1’ और ‘कर्तव्य भवन-2’ का उद्घाटन करेंगे। शाम 6 बजे वह सेवा तीर्थ परिसर में एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

करीब 2.26 लाख वर्ग फुट में फैले ‘सेवा तीर्थ’ के निर्माण पर लगभग 1,189 करोड़ रुपये की लागत आई है। इस परिसर में तीन मुख्य इमारतें – सेवा तीर्थ-1, सेवा तीर्थ-2 और सेवा तीर्थ-3 शामिल हैं।

सेवा तीर्थ-1 में प्रधानमंत्री कार्यालय स्थापित होगा।

सेवा तीर्थ-2 में कैबिनेट सचिवालय का नया मुख्यालय होगा।

सेवा तीर्थ-3 में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) के कार्यालय होंगे।

पहले ये सभी इकाइयां अलग-अलग स्थानों पर संचालित हो रही थीं, जिससे समन्वय और कार्यकुशलता में चुनौतियां सामने आती थीं। नए परिसर में इन्हें एक साथ लाकर प्रशासनिक प्रक्रियाओं को तेज और प्रभावी बनाने की कोशिश की गई है।

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आधुनिक डिज़ाइन और उन्नत सुरक्षा
‘सेवा तीर्थ’ को ओपन फ्लोर प्लान के आधार पर तैयार किया गया है, ताकि औपचारिकता कम हो और अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल और पारदर्शिता विकसित हो सके। इमारत को एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन सिस्टम, उन्नत साइबर सुरक्षा नेटवर्क और एकीकृत सुरक्षा संरचना से लैस किया गया है। साथ ही इसे भूकंपरोधी तकनीक से निर्मित किया गया है।

कर्तव्य भवन: मंत्रालयों का केंद्रीकरण
कर्तव्य भवन-1 और कर्तव्य भवन-2 में कानून, रक्षा, वित्त, स्वास्थ्य, कृषि सहित कई प्रमुख मंत्रालयों के कार्यालय होंगे। इन परिसरों में डिजिटल रूप से एकीकृत कार्यालय व्यवस्था, संरचित सार्वजनिक संपर्क क्षेत्र और केंद्रीकृत स्वागत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे आम नागरिकों के लिए पहुंच और संवाद आसान होगा।

पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप निर्माण
दोनों भवन परिसरों को 4-स्टार GRIHA (ग्रीन रेटिंग फॉर इंटीग्रेटेड हैबिटैट असेसमेंट) मानकों के अनुरूप डिजाइन किया गया है। इनमें नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियां, जल संरक्षण उपाय, अपशिष्ट प्रबंधन समाधान और ऊर्जा दक्ष भवन संरचना शामिल है। स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल, व्यापक निगरानी नेटवर्क और उन्नत आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली भी परिसर का हिस्सा हैं।

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‘जन-केंद्रित शासन’ की ओर कदम
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, यह उद्घाटन भारत की प्रशासनिक संरचना में एक परिवर्तनकारी मील का पत्थर है। वर्षों से सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में फैले विभिन्न मंत्रालय पुराने बुनियादी ढांचे में काम कर रहे थे, जिससे संचालन में अक्षमताएं और रखरखाव लागत में वृद्धि जैसी समस्याएं सामने आती थीं।

नए भवन परिसर प्रशासनिक कार्यों को एकीकृत कर भविष्य के लिए तैयार, कुशल और सुलभ शासन प्रणाली स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

 

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