Last Updated: October 1, 2026

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आज से लागू हुई नई VB-GRAMG योजना, ग्रामीणों को 300 रुपये मजदूरी प्रतिदिन और मिलेगा 125 दिन का रोजगार

July 1, 2026

आज से लागू हुई नई VB-GRAMG योजना, ग्रामीणों को 300 रुपये मजदूरी प्रतिदिन और मिलेगा 125 दिन का रोजगार

नेशनल डेस्क: केंद्र सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और मजदूरों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से नई विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी योजना (ग्रामीण) VB-GRAMG लागू कर दी है। यह योजना बुधवार से पूरे देश में प्रभावी हो गई है। इसके साथ ही सरकार ने नई मजदूरी दरों की भी घोषणा की है, जिसके तहत अब देश के किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में ग्रामीण मजदूरों को 300 रुपये प्रतिदिन से कम मजदूरी नहीं मिलेगी।

नई योजना से सबसे अधिक फायदा उन राज्यों के मजदूरों को होगा, जहां अब तक मनरेगा के तहत मजदूरी अपेक्षाकृत कम थी। इनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, असम और पश्चिम बंगाल जैसे राज्य शामिल हैं। इन राज्यों में मजदूरी में लगभग 15 से 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है।

सरकार की नई अधिसूचना के अनुसार, देशभर में ग्रामीण मजदूरों की औसत दैनिक मजदूरी लगभग 299 रुपये से बढ़कर 327 रुपये से अधिक हो जाएगी यानी औसतन हर दिन करीब 28 रुपये ज्यादा मजदूरी मिलेगी। यह राष्ट्रीय स्तर पर 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि मानी जा रही है। पहली बार केंद्र सरकार ने पूरे देश के लिए 300 रुपये प्रतिदिन की न्यूनतम मजदूरी तय की है। इससे पहले कई राज्यों में मजदूरों को 300 रुपये से कम भुगतान मिलता था और कुछ जगहों पर यह दर केवल 241 रुपये प्रतिदिन तक थी। अब ऐसी सभी मजदूरी दरों को बढ़ाकर कम से कम 300 रुपये कर दिया गया है। इससे 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लाखों ग्रामीण श्रमिकों को सीधा लाभ मिलेगा।

अब 125 दिन तक मिलेगा रोजगार

नई योजना के तहत सरकार ने रोजगार की गारंटी भी बढ़ा दी है। पहले पात्र ग्रामीण परिवारों को साल में 100 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलती थी, लेकिन अब यह बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है यानी ग्रामीण परिवारों को 25 दिन अतिरिक्त काम मिलेगा, जिससे उनकी वार्षिक आय में भी बढ़ोतरी होगी।

सभी राज्यों में समान बढ़ोतरी नहीं

सरकार ने मजदूरी बढ़ाने का फैसला सभी राज्यों के लिए एक जैसा नहीं रखा है, जिन राज्यों में पहले मजदूरी कम थी, वहां ज्यादा बढ़ोतरी की गई है ताकि राज्यों के बीच मजदूरी का अंतर कम हो सके। यही वजह है कि उत्तर भारत के कई राज्यों के मजदूरों को सबसे अधिक राहत मिलने की उम्मीद है।

वहीं जिन राज्यों में पहले से मजदूरी अधिक थी, वहां भी महंगाई और अन्य आर्थिक मानकों को ध्यान में रखते हुए संशोधित दरें लागू की गई हैं। नई दरों के अनुसार, हरियाणा में मजदूरी 409 रुपये प्रतिदिन, गोवा में 406 रुपये और केरल में 401 रुपये प्रतिदिन हो गई है। कर्नाटक और पंजाब जैसे राज्यों में भी मजदूरी बढ़ाकर लगभग 360 रुपये से 409 रुपये प्रतिदिन के बीच कर दी गई है।

महंगाई को ध्यान में रखकर तय की गई नई दरें

ग्रामीण विकास मंत्रालय के मुताबिक, नई मजदूरी दरें तय करते समय महंगाई, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक और अन्य आर्थिक मानकों को आधार बनाया गया है। सरकार का मानना है कि बढ़ी हुई मजदूरी और अतिरिक्त रोजगार से ग्रामीण परिवारों की आय में सुधार होगा। इससे गांवों में लोगों की खरीदारी क्षमता बढ़ेगी, स्थानीय बाजारों में मांग मजबूत होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।

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