कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र NIT में बीटेक की छात्रा दीक्षा के आत्महत्या करने के मामले में गर्ल हॉस्टल की चीफ वॉर्डन, डिप्टी वॉर्डन और एसोसिएट डीन स्टूडेंट वेलफेयर को बदल दिया है। संस्थान ने चार मई तक संस्थान की छुट्टी कर दी है। परीक्षाएं भी 5 तक टाल दी हैं।
छात्रा के परिजनों ने घटना को संदिग्ध बताया और कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। मृतका के मामा के बेटे प्रकाश उपाध्याय ने बताया कि पुलिस प्रशासन का सहयोग मिल रहा है, लेकिन संस्थान प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रा की सहेलियों को छुट्टी देकर घर भेज दिया गया, जिससे मामले को दबाने की आशंका पैदा होती है।
मृतका के पिता शशि कुमार दुबे ने मामले की जांच CBI और क्राइम ब्रांच से करवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मेरी बेटी पढ़ाई में होनहार थी और आत्महत्या जैसा कदम उठाना उसके स्वभाव में नहीं था। परिवार के अनुसार छात्रा की रोजाना घर पर सामान्य बातचीत होती थी, जिससे ये घटना और अधिक संदिग्ध लग रही है। छात्रा का पोस्टमार्टम दो डॉक्टरों के पैनल ने किया। परिजन बिहार से कुरुक्षेत्र पहुंचे। इसके बाद पोस्टमार्म हुआ। परिजनों ने सरकार और प्रशासन ने न्याय की मांग की है।
परिवार ने ये भी आशंका जताई कि संस्थान में पहले हुई 3 आत्महत्या की घटनाओं के पीछे भी कोई बड़ा कारण हो सकता है, जिसकी गहन जांच होनी चाहिए। परिजनों ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वे बिहार से लेकर दिल्ली तक न्याय के लिए लड़ाई लड़ेंगे। थाना केयूके प्रभारी विशाल कुमार ने बताया कि छात्रा का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। फिलहाल परिवार की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। पिछले मामलों को लेकर उन्होंने कहा कि जांच जारी है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद क्षेत्र में चिंता का माहौल बना हुआ है और अब सभी की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।
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