कुरुक्षेत्र। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) में बीटेक के दूसरे वर्ष की छात्रा दीक्षा दुबे के आत्महत्या करने के ठीक एक दिन बाद शुक्रवार रात 12 बजे एक और छात्रा ने कोशिश की। छात्रा ने कल्पना छात्रावास से कूदने का प्रयास किया, परंतु उसे सहपाठियों ने बचा लिया।सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस बुलाकर छात्रा को अस्पताल भेज दिया। घटना के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है।
एक छात्र ने बताया कि सीएसई विभाग के पहले वर्ष की छात्रा जब आत्महत्या करने के लिए बॉलकनी पर चढ़ने का प्रयास कर रही थी। उसी समय कुछ सहपाठियों ने उसे देख लिया और बचा लिया गया।उधर सोशल मीडिया पर एक व्हाट्सएप मैसेज वायरल हो रहा है, जिसमें लिखा है कि हे गायज, मेरी जिंदगी का कोई मकसद नहीं…अब मैं सुसाइड कर लेती हूं। इस मैसेज के बारे में दावा किया जा रहा है कि यह संदेश आत्महत्या का प्रयास करने वाली छात्रा का है। हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यूनिवर्सिटी थाने के एससएचओ विशाल कुमार बताया कि लड़की को बचा लिया गया है। उसे अस्पताल मं भर्ती कराया गया है।
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र (एनआईटी) के महिला छात्रावास में तीसरी मंजिल पर वीरवार को कमरे में छात्रा (19) ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्रा का शव पंखे पर लटका मिला। बीटेक के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंस के द्वितीय वर्ष की छात्रा दीक्षा दूबे बिहार के बक्सर जिले के बसौली की रहने वाली थी। वह कावेरी छात्रावास के कमरा नंबर 441 में रह रही थी। एनआईटी में एक सप्ताह में दूसरा व दो माह में आत्महत्या का यह चौथा मामला सामने आने के बाद से एनआईटी प्रशासन सकते में है।
Also Read :
मेष: दिन शुभ रहेगा...