अंबाला। हरियाणा रोडवेज की बसों में सफर के दौरान अक्सर होने वाली खुले पैसों की दिक्कत अब नहीं रहेगी। यात्रियों की सहूलियत को देखते हुए हरियाणा परिवहन विभाग ने बड़ा फैसला लिया है।
विभाग अब सीधे UPI भुगतान की व्यवस्था लागू करने जा रहा है। परिवहन मंत्री अनिल विज ने विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है। मंत्री ने साफ किया कि इस नई व्यवस्था के लिए जरूरी तकनीकी ढांचा और सॉफ्टवेयर अपडेट का काम लगभग पूरा कर लिया गया है और अब इसे धरातल पर उतारने की बारी है। परिवहन विभाग इस योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की रणनीति पर काम कर रहा है। शुरुआती दौर में इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर प्रदेश के एक चुनिंदा जिले में शुरू किया जाएगा।
इस दौरान देखा जाएगा कि चलती बस में नेटवर्क और ट्रांजैक्शन की क्या स्थिति रहती है। पायलट प्रोजेक्ट के सफल होते ही इसे हरियाणा के सभी डिपो और लंबी दूरी की बसों में अनिवार्य रूप से लागू कर दिया जाएगा। इससे न केवल कंडक्टरों को चिल्लर (खुले पैसे) संभालने के झंझट से मुक्ति मिलेगी, बल्कि यात्रियों का समय भी बचेगा।
परिवहन मंत्री अनिल विज ने बताया कि अक्सर देखा गया है कि 2 या 5 रुपये के खुले पैसों के लिए कंडक्टर और यात्रियों के बीच कहासुनी होती है। डिजिटल पेमेंट सिस्टम लागू होने से यह समस्या जड़ से खत्म हो जाएगी। यात्री अपने मोबाइल से QR कोड स्कैन कर या UPI आईडी के जरिए सटीक किराए का भुगतान कर सकेंगे। डिजिटल सिस्टम का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि विभाग के राजस्व संग्रहण में पारदर्शिता आएगी। हर एक पैसे का रिकॉर्ड डिजिटल फॉर्मेट में दर्ज होगा, जिससे फर्जीवाड़े की गुंजाइश भी खत्म हो जाएगी।
परिवहन विभाग का लक्ष्य आने वाले समय में हरियाणा रोडवेज को देश की सबसे आधुनिक परिवहन सेवा बनाना है। मंत्री अनिल विज ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि डिजिटल भुगतान की प्रक्रिया इतनी सरल हो कि बुजुर्ग और कम पढ़े-लिखे यात्री भी इसका आसानी से लाभ उठा सकें। सरकार की इस पहल से न केवल राजस्व में दक्षता बढ़ेगी, बल्कि आम आदमी का रोडवेज की सेवाओं पर भरोसा भी और मजबूत होगा। रोडवेज के बेड़े में नई बसों के शामिल होने के साथ ही यह डिजिटल बदलाव विभाग की छवि सुधारने में मील का पत्थर साबित हो सकता है।
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