
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस के उद्घाटन के अवसर पर कहा कि भारत मोबाइल, सैमीकंडक्टर और इलैक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में निवेश और विनिर्माण के लिए सबसे अनुकूल गंतव्य बन चुका है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था, कारोबार सुगमता और अनुकूल नीतियों ने भारत को निवेशक-अनुकूल देश के रूप में स्थापित किया है।
प्रधानमंत्री ने डिजिटल बुनियादी ढांचे में हुए सुधार का उल्लेख किया और बताया कि अब देश में एक जीबी डाटा की लागत एक कप चाय से भी कम है। उन्होंने कहा कि यह डिजिटल सफलता इस बात का प्रमाण है कि सरकार सबसे पहले डिजिटल की मानसिकता के प्रति प्रतिबद्ध है।
मोदी ने बताया कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा दूरसंचार और 5जी बाजार है और देश के पास प्रौद्योगिकी, जनशक्ति और गतिशीलता में नेतृत्व करने की क्षमता है। मोदी ने स्वदेशी 4जी और 5जी तकनीक का पूरा ढांचा विकसित करने पर गौर करते कहा कि यह देश की बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि डिजिटल और तकनीकी आत्मनिर्भरता के लिए यह एक बड़ा कदम है। इसके साथ ही देशवासियों को तेज और भरोसेमंद इंटरनैट सेवा मिल रही है। प्रधानमंत्री ने डाटा सुरक्षा और साइबर सुरक्षा पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि साइबर धोखाधड़ी के खिलाफ कानून सख्त किए गए हैं और शिकायत निवारण व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
मोदी ने मोबाइल और इलैक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र में हुई प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 2014 से मोबाइल फोन का उत्पादन 28 गुना और इसके निर्यात में 127 गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने एक प्रमुख स्मार्टफोन कंपनी के आंकड़े का हवाला दिया, जिसमें 45 भारतीय कंपनियां उसकी आपूर्ति श्रृंखला में शामिल हैं, जिससे लगभग 3.5 लाख रोजगार सृजित हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल एक कंपनी का आंकड़ा है, पूरे देश में हजारों कंपनियों के रोजगार अवसरों को जोड़ने से रोजगार का आंकड़ा और भी बड़ा हो जाता है। प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप्स और नवप्रवर्तकों को अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि सरकार दूरसंचार प्रौद्योगिकी विकास कोष और डिजिटल संचार नवाचार स्क्वायर के माध्यम से स्टार्टअप्स का समर्थन कर रही है।
साथ ही 5जी, 6जी, अत्याधुनिक ऑप्टिकल संचार और टेरा-हट्र्ज जैसी तकनीकों के परीक्षण के लिए वित्त भी उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इलैक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल निर्माण में वैश्विक कंपनियों के लिए भारत भरोसेमंद साङोदार बन सकता है। सैमीकंडक्टर निर्माण में भी देश ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं और अब 10 सैमीकंडक्टर विनिर्माण इकाइयों पर काम चल रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह भारत में निवेश, नवोन्मेष और मेक इन इंडिया का सबसे अच्छा समय है। उन्होंने सभी उद्योगों, स्टार्टअप्स और नवप्रवर्तकों को इस अवसर का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।