नई दिल्ली: राष्ट्रीय प्रवेश सह पात्रता परीक्षा (नीट) प्रश्नपत्र लीक के सूत्रधार पंकज कुमार ने हजारीबाग के ओएसिस स्कूल के प्रधानाचार्य और उप-प्रधानाधार्य के साथ सांठगांठ कर 5 मई को परीक्षा शुरू होने से कुछ घंटे पहले प्रश्नपत्र हासिल किया और उसे हल कर उन उम्मीदवारों को भेजा जिन्होंने पैसे दिए थे। सीबीआई ने वीरवार को यह जानकारी दी। सीबीआई ने नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में अब तक की गई जांच की जानकारी देते हुए बताया कि तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। सीबीआई ने बताया कि वह पटना के एक छात्रवास से बरामद आधे जले कागजों के आधार पर केंद्र की पहचान कर सकती है। केंद्रीय एजैंसी के प्रवक्ता ने कहा, ‘नीट यूजी 2024 प्रश्नपत्रों वाले बक्सों को स्कूल में लाया गया और 05-05-2024 की सुबह नियंत्रण कक्ष में रखा गया। बक्से पहुंचने के कुछ मिनटों ही बाद प्रधानाचार्य और उप-प्रधानाचार्य ने अनधिकृत और अवैध रूप से सूत्रधार को उस कमरे में जाने की अनुमति दे दी, जहां बक्से रखे हुए थे।’
प्रवक्ता ने बताया कि परीक्षा की सुबह हजारीबाग में एम्स पटना, राजेंद्र आयुíवज्ञान संस्थान (रिम्स) रांची और भरतपुर के एक मैडीकल कालेज में एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले एवं प्रश्नपत्र हल करने वाले विद्याíथयों के एक समूह ने प्रश्न पत्र हल किया। एजैंसी ने मामले में 7 कथित प्रश्नपत्र हल करने वालों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा, ‘हल किया गया प्रश्नपत्र कुछ चुनिंदा छात्रों के साथ साझा किया गया था, जिन्होंने आरोपियों को पैसे दिए थे। प्रश्नपत्र हल करने वाले सभी प्रतिष्ठित महाविद्यालयों में एमबीबीएस के विद्यार्थी हैं और उनकी पहचान कर ली गई है। इनमें से अधिकतर को गिरफ्तार कर लिया गया है।’
प्रवक्ता ने बताया कि प्रश्नपत्र हल करने वालों को साजिश के तहत खास तौर पर हजारीबाग लाया गया था। उन्होंने कहा कि कुमार के साथ काम करने वाले गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर ली गई है और उनमें से कुछ को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। इस समूह को आरोपियों के एक समूह द्वारा सक्रिय रूप से सहायता प्रदान की गई, जिन्होंने अभ्यर्थियों के रहने की व्यवस्था की, आरोपियों का एक अन्य समूह उम्मीदवारों को जुटाने और लाने-ले जाने के कार्य में संलिप्त था।’ जिन अभ्यर्थियों को हल किए गए प्रश्नपत्र मुहैया कराए गए, उनका पता लगाया जा रहा है तथा आवशय़क कार्रवाई की जा रही है। एजैंसी ने अब तक 36 लोगों को गिरफ्तार किया है।