Last Updated: November 6, 2026

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लोगों को अपने बारे में सोचने की जरूरत, राम मंदिर से प्रभावित होने की नहीं : Shashi Tharoor

February 5, 2024

लोगों को अपने बारे में सोचने की जरूरत, राम मंदिर से प्रभावित होने की नहीं : Shashi Tharoor

जयपुरः कांग्रेस नेता शशि थरूर का मानना है कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का भाजपा के पक्ष में अल्पकालिक प्रभाव पड़ेगा और इस मुद्दे से आगामी लोकसभा चुनाव में सत्तारूढ़ पार्टी को कोई फायदा नहीं होगा। इस बात पर जोर देते हुए कि लोगों को राम मंदिर के बारे में नहीं, बल्कि अपने जीवन स्तर के बारे में सोचने की जरूरत है। वे कहते हैं, ‘अब समय आ गया है कि वे अपनी आर्थिक स्थिति पर जोर दें। क्या इस सरकार के तहत यह बेहतर है? क्या वे अपने जीवन से खुश हैं? जरा बुनियादी वस्तुओं की कीमतों को देखें, क्या इस सरकार के तहत किसी भी पैरामीटर पर उनकी स्थिति में सुधार हुआ है?‘

केरल के तिरुवनंतपुरम से सांसद ने जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (जेएलएफ) के दौरान मीडिया से बात करते हुए कहा कि मौजूदा सरकार ने निचले पायदान पर मौजूद लोगों को सशक्त बनाने के लिए ‘बहुत कम‘ काम किया है। ‘गरीब और गरीब होते जा रहे हैं और उनके लिए कुछ भी काम नहीं कयिा जा रहा है। कांग्रेस एक मुक्त अर्थव्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध है और अर्थव्यवस्था में आर्थकि रूप से कमजोर लोगों की भागीदारी देखना चाहती है, ताकि वे अपने जीवन में सफल हो सकें।‘

कांग्रेस नेता ने कहा, कि उनसे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जैसी केंद्रीय एजेंसियों द्वारा राजनेताओं की कई छापेमारी और गिरफ्तारियों के बारे में पूछें। थरूर ने कहा कि एजेंसियों को अपना काम करना चाहिए, लेकिन यह महत्वपूर्ण है कि यह निष्पक्षता से किया जाए। ऐसा क्यों है कि केवल विपक्षी नेताओं को ही गिरफ्तार किया जाता है? यह देखकर दुख होता है कि सरकार इन एजेंसियों का बेशर्मी से इस्तेमाल कर रही है।

उन्होंने कहा कि कुछ साल पहले तक देश की सेवा करने के लिए राजनीति समेत विभिन्नताओं से ऊपर उठकर सहयोग करने की संस्कृति थी, लेकिन अब वह परंपरा कायम नहीं है। ‘जो कोई भी केंद्र सरकार से असहमत है, उसे राष्ट्र-विरोधी करार दिया जाता है। सिर्फ इसलिए कि हमारे पास अलग-अलग दृष्टिकोण हैं, क्या इसका मतलब यह है कि हम अपने देश का सम्मान और प्यार नहीं करते हैं? हर देश, राज्य और निर्वाचन क्षेत्र को एक अलग दृष्टिकोण की आवश्यकता है। थरूर ने कहा, अफसोस की बात है कि एक दशक से केवल एक ही व्यक्ति की बात हो रही है और लोकतंत्र चुनौती का सामना कर रहा है।’

उन्होंने केंद्र पर भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं को नष्ट करने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश ‘चुनावी तानाशाही‘ में बदल रहा है। ‘देश को अब एक अलग नेतृत्व की ज़रूरत है, जो लोगों की ज़रूरतों को समझने और उनकी समस्याओं का समाधान खोजने के लिए तैयार हो।‘ उन्होंने युवाओं से अपने वोट का प्रयोग सावधानीपूर्वक करने का आह्वान करते हुए कहा कि उनका वोट ही मायने रखता है और उनका भविष्य उनके ही हाथ में है। यहां तक कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एनडीए में वापस आ गए हैं और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा की है, थरूर ने कहा कि इंडिया गठबंधन में कई दल शामिल हैं और असहमति होना तय है।

राम मंदिर समारोह में कांग्रेस नेताओं के शामिल नहीं होने की भाजपा की आलोचना को खारिज करते हुए, राजनेता-लेखक ने कहा, ‘सिर्फ इसलिए कि हम उस दिन अयोध्या नहीं गए, इसका मतलब यह नहीं है कि हमारे मन में हिंदू धर्म के खिलाफ कुछ है। वैसे, मैं बचपन से ही ऐसा करता रहा हूं। राम की प्रार्थना कर रहे हैं। बीजेपी को याद रखना चाहिए कि राम पर उसका अधिकार नहीं है। मैं जब चाहूंगा तब जाऊंगा। हमारे लिए अपना समय और स्थान, सुविधा और पूजा का चयन करना हमें हिंदू विरोधी नहीं बनाता है।‘

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