
PM Modi Canada visit : केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया कनाडा यात्रा की सराहना की और इसे खालिस्तानी चरमपंथी ताकतों पर एक “कड़ा तमाचा” बताया। उन्होंने कहा कि इससे दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में “कमियों और समस्याओं” में सुधार होगा।
पुरी ने कहा कि कनाडा के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री मार्क कार्नी को विभिन्न क्षेत्रों, विशेषकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ऊर्जा और विशेष रूप से आतंकवाद विरोधी लड़ाई में भारत के साथ काम करने का “सम्मान” प्राप्त हुआ है।
पुरी ने कहा, “ये लोग (खालिस्तानी चरमपंथी) कहते हैं कि वे इसलिए विरोध करेंगे क्योंकि कोई उन्हें फंड देता है। लेकिन अब, चूंकि उन्हें फंड नहीं मिला, इसलिए उन्होंने अपने फंडिंग प्रदाता के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। अब, कनाडा के नवनिर्वाचित प्रधान मंत्री ने कहा कि देश को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ऊर्जा और आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ काम करने पर गर्व है। वहां आतंकवाद कौन करता है? ये वे लोग हैं जो यहां से गुमराह होते हैं और पाकिस्तान उन्हें फंड देता है। मुझे लगता है कि यह सूत्रीकरण अपने आप में उन ताकतों पर एक कड़ा तमाचा है।”
कनाडा के प्रधानमंत्री कार्नी ने जी-7 शिखर सम्मेलन के समापन पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने “आपसी सम्मान, संप्रभुता और विश्वास पर आधारित संबंधों को फिर से बनाने के लिए आवश्यक आधार प्रदान करने पर सहमति व्यक्त की।” उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देश अपने उच्चायुक्तों की नियुक्ति पर फिर से काम करेंगे।
पुरी की टिप्पणी पीएम मोदी की कार्नी के निमंत्रण पर 51वें जी-7 शिखर सम्मेलन में भागीदारी के संदर्भ में आई है , जो ऐसे समय में हो रही है जब हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध तनावपूर्ण रहे हैं, जिसका मुख्य कारण खालिस्तानी अलगाववादी तत्वों के प्रति कनाडा की कथित उदारता और कनाडा का यह आरोप है कि 2023 में कनाडा में एक गुरुद्वारे के बाहर एनआईए द्वारा नामित आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंट शामिल थे।
भारत ने आरोपों को दृढ़तापूर्वक खारिज कर दिया था और उन्हें “राजनीति से प्रेरित” करार दिया था, जिसके बाद कूटनीतिक गतिरोध बढ़ गया था और दोनों देशों ने जवाबी कार्रवाई में वरिष्ठ राजनयिकों को निष्कासित कर दिया था।
पुरी ने प्रधानमंत्री की यात्रा पर भी विश्वास व्यक्त किया तथा कहा कि द्विपक्षीय संबंधों में “कमियों और समस्याओं” को शीघ्र ही दूर कर लिया जाएगा।
पुरी ने नए सिरे से सहयोग की संभावना को रेखांकित करते हुए कहा, “मुझे विश्वास है कि द्विपक्षीय संबंधों में कमियों और समस्याओं को अब दूर कर लिया जाएगा और बहुत जल्द भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय संबंध फिर से बेहतर हो जाएंगे। मुझे लगता है कि यह यात्रा और इसके परिणाम आने वाले समय में दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद होंगे।”
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