नेशनल डेस्क: भारत दौरे पर पहुंचे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का स्वागत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेहद खास अंदाज़ में किया। पीएम मोदी ने पुतिन को छह अनोखे और सांस्कृतिक महत्व वाले उपहार भेंट किए, जो भारत की परंपरा, कला और दोस्ती की गहराई को दर्शाते हैं। ये तोहफ़े केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि दोनों देशों के मजबूत रिश्तों का प्रतीक माने जा रहे हैं।
1. असम की ब्लैक टी – भारत की चाय परंपरा का अनमोल स्वाद
पहला उपहार था असम की मशहूर ब्लैक टी। यह चाय अपने गहरे रंग, खास सुगंध और मज़बूत स्वाद के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। यह उपहार भारत की चाय खेती और सदियों पुरानी चाय संस्कृति का सुंदर प्रतिनिधित्व करता है।
ये भी पढ़ें: IndiGo संकट के बीच सामने आया CEO का बयान, बताया कब तक ठीक हो जाएंगे हालात
2. मुरादाबाद का सिल्वर टी सेट – कारीगरी और दोस्ती का प्रतीक

दूसरा उपहार था मुरादाबाद में बनी सिल्वर टी सेट की खूबसूरत कृति। इसकी नाज़ुक नक्काशी और चमक भारतीय हस्तकला की पहचान है। यह उपहार भारत और रूस के साझा “टी कल्चर” और दो देशों की गर्मजोशी भरी दोस्ती को दर्शाता है।
3. महाराष्ट्र की कला वाला सिल्वर हॉर्स – आगे बढ़ती साझेदारी का संदेश

तीसरे तोहफ़े के रूप में पीएम मोदी ने पुतिन को एक सिल्वर हॉर्स भेंट किया। घोड़े का आगे बढ़ता हुआ आकार भारत-रूस रिश्तों की तेज़ गति, ऊर्जा और लगातार मजबूत होती साझेदारी का प्रतीक माना गया।
4. आगरा का मार्बल चेस सेट – भारतीय शिल्पकला की नायाब मिसाल

चौथा उपहार था आगरा की प्रसिद्ध मार्बल कला से बना मार्बल चेस सेट। सेमी-प्रेशियस स्टोन और बारीक इनले वर्क इसकी खासियत है। यह उपहार भारतीय कारीगरों की मेहनत, कौशल और पारंपरिक कला की श्रेष्ठता दिखाता है।
5. कश्मीर का ‘लाल सोना’ जाफरान – प्रकृति और संस्कृति की खुशबू

पांचवां उपहार था कश्मीर का प्रसिद्ध ज़ाफ़रान (केसर), जिसे ‘लाल सोना’ भी कहा जाता है। जीआई टैग प्राप्त यह केसर कश्मीर की समृद्ध संस्कृति और भारत की प्राकृतिक सुंदरता का प्रतीक है।
ये भी पढ़ें: Petrol Diesel Price : पेट्रोल-डीजल के नए दाम जारी, जानें जेब पर कितना पड़ेगा असर
6. श्रीमद्भगवद्गीता का रूसी अनुवाद – आध्यात्मिक संदेश का उपहार

अंत में पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को श्रीमद्भगवद्गीता का रूसी अनुवाद भेंट किया। यह जीवन, कर्तव्य और आत्मचिंतन पर आधारित एक महान आध्यात्मिक ग्रंथ है, जो भारत की आध्यात्मिक विरासत का गहरा संदेश समेटे हुए है।
छह उपहार की कहानी
ये सभी छह उपहार मिलकर भारत की संस्कृति, कला, प्रकृति और आध्यात्मिकता की सुंदर झलक पेश करते हैं। इनके माध्यम से भारत ने रूस के साथ अपनी सच्ची और भरोसेमंद दोस्ती को फिर से मजबूत संदेश दिया है।
मेष: दिन शुभ रहेगा...