नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार शाम को अपने आधिकारिक आवास ‘7 लोक कल्याण मार्ग’ पर एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में सरकार के वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी मौजूद रहे, जिसमें मिडिल ईस्ट की मौजूदा स्थिति को देखते हुए पैट्रोलियम, कच्चे तेल, गैस, बिजली और उर्वरक क्षेत्रों से संबंधित स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य देश में तेल, गैस, खाद समेत सभी जरूरी चीजों की आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखना था।
इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, कैमिकल एंड फर्टिलाइजर और स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, पैट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी, श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया समेत अन्य वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी मौजूद रहे। मिडिल ईस्ट संकट के बीच सरकार तेल, गैस, खाद की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए पहले से ही सक्रिय कदम उठा रही है। 12 मार्च को प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध ने वैश्विक ऊर्जा संकट को जन्म दिया है।
उन्होंने कहा था कि यह देश के लोगों के धैर्य और समझदारी की भी परीक्षा है। पीएम मोदी ने कहा कि इस चुनौती का सामना शांति, धैर्य और जन-जागरूकता के साथ करना होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ग्लोबल सप्लाई चेन में आई बाधाओं को दूर करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा, हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत हैं कि सप्लाई चेन में आई रुकावटों को कैसे दूर किया जाए।
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