नई दिल्ली : प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के नए परिसर को अब ‘सेवा तीर्थ’ के नाम से जाना जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि सैंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत बन रहे परिसर का निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में है। इसे पहले ‘एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव’ के रूप में जाना जाता था। प्रधानमंत्री कार्यालय के अलावा, निर्माणाधीन परिसर में मंत्रिमंडल सचिवालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और ‘इंडिया हाऊस’ के कार्यालय भी शामिल होंगे, जो आने वाले गणमान्य व्यक्तियों के साथ उच्चस्तरीय वार्ता का स्थल होगा।

अधिकारियों ने बताया कि ‘सेवा तीर्थ’ एक ऐसा कार्यस्थल होगा, जिसे सेवा की भावना को प्रतिबिंबित करने के लिए डिजाइन किया गया है और जहां राष्ट्रीय प्राथमिकताएं मूर्त रूप लेंगी। उन्होंने कहा कि भारत के सार्वजनिक संस्थान एक शांत लेकिन गहन बदलाव के दौर से गुजर रहे हैं। राज्यों के राज्यपालों के आधिकारिक आवास ‘राजभवन’ का भी नाम भी बदलकर ‘लोक भवन’ रखा जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शासन के क्षेत्रों को ‘कर्तव्य’ और पारदर्शिता को प्रतिबिंबित करने के लिए नया रूप दिया गया है। उन्होंने कहा, ‘हर नाम, हर इमारत और हर प्रतीक अब एक सरल विचार की ओर इशारा करते हैं- सरकार सेवा के लिए है।’
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मेष: दिन शुभ रहेगा...