
नई दिल्ली : विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ ने मंगलवार को निर्वाचन आयोग के मामले में अपनी एकजुटता प्रदर्शित करते हुए कहा कि देश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया और निष्पक्ष चुनाव प्रणाली की बहाली तक राजनीतिक और जन प्रतिरोध जारी रहेगा।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आवास 5 सुनहरी बाग रोड पर आयोजित चाय पार्टी के बाद विपक्षी नेताओं ने निर्वाचन आयोग और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला तथा यह आरोप भी लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित हुई है।
राहुल गांधी ने संवाददाताओं से कहा कि विपक्षी गठबंधन पूरी तरह एकजुट है और उसके संघर्ष का एकमात्र उद्देश्य देश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बहाल करना है। उन्होंने कहा, कोई समानांतर विरोध प्रदर्शन नहीं है, सिर्फ एक प्रदर्शन है।
इस प्रदर्शन का एकमात्र मिशन भारत में लोकतंत्र को बहाल करना है। देश में लोकतंत्र को नष्ट कर दिया गया है, चुनाव प्रणाली को नष्ट कर दिया गया है। हम देश में वास्तविक लोकतांत्रिक व्यवस्था को बहाल करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
गांधी ने कहा कि सरकार ने जंतर-मंतर का इस्तेमाल लोकतांत्रिक विरोध-प्रदर्शन के लिए नहीं होने देने का फैसला किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा, इतना आसान नहीं है कि संविधान को नष्ट करें और बचकर निकल जाएं।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि एक दिन पहले विपक्ष के प्रदर्शन के दौरान जो अभिव्यक्ति देखने को मिली, वह किसी एक राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि देश के लोगों की अभिव्यक्ति थी।
उनके आवास पर आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव एम.ए. बेबी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के महासचिव डी. राजा, समाजवादी पार्टी के सांसद हरेंद्र मलिक और आनंद भदौरिया, तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा और सागरिका घोष समेत कई विपक्षी नेता मौजूद रहे।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में कथित ‘वोट चोरी’ के खिलाफ विपक्ष के संयुक्त विरोध-प्रदर्शनों और आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया।
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