Last Updated: September 25, 2026

Dainik Savera Times Logo

हवाओं की रफ्तार कम होने दिल्ली-एनसीआर में बढ़ा प्रदूषण, आनंद विहार का AQI 400 के पार

June 9, 2026

हवाओं की रफ्तार कम होने दिल्ली-एनसीआर में बढ़ा प्रदूषण, आनंद विहार का AQI 400 के पार

नेशनल डेस्क। मौसम में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव का असर अब दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता पर भी साफ दिखाई देने लगा है। पिछले कुछ दिनों से तेज हवाओं के कारण प्रदूषक कण वातावरण में बिखरे हुए थे, जिससे हवा की गुणवत्ता अपेक्षाकृत बेहतर बनी हुई थी। हालांकि, अब हवाओं की रफ्तार कम होने और भीषण गर्मी बढ़ने के साथ ही प्रदूषण का स्तर तेजी से ऊपर जाने लगा है।

ये भी पढे़ं :-

 

केंद्रीय प्रदूषण निगरानी तंत्र के ताजा आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) खराब से लेकर गंभीर श्रेणी तक पहुंच गया है। सबसे चिंताजनक स्थिति आनंद विहार में दर्ज की गई, जहां एक्यूआई 407 रिकॉर्ड किया गया। यह स्तर ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है और स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदायक माना जाता है। इसके अलावा राजधानी के कई अन्य क्षेत्रों में भी हवा की गुणवत्ता खराब बनी हुई है।

दिल्ली के प्रमुख मॉनिटरिंग स्टेशनों पर जो एक्यूआई दर्ज किया गया है, उसके मुताबिक अलीपुर में 205, आनंद विहार में 407, अशोक विहार में 156, आया नगर में 138 और बवाना में 166 एक्यूआई दर्ज किया गया है। दिल्ली के अलावा गाजियाबाद में भी वायु गुणवत्ता में गिरावट दर्ज की गई। कई स्थानों पर एक्यूआई ऑरेंज और येलो जोन में पहुंच गया है, जबकि कुछ क्षेत्रों में स्थिति और अधिक खराब होती नजर आ रही है। गाजियाबाद के विभिन्न मॉनिटरिंग स्टेशनों पर दर्ज एक्यूआई के मुताबिक, गोविंदपुरम में 82, इंदिरापुरम में 177, लोनी में 245 और वेद विहार, लोनी में 274 एक्यूआई दर्ज किया गया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि तेज धूप, बढ़ते तापमान और धीमी होती हवाओं के कारण वातावरण में मौजूद धूल एवं प्रदूषक कण नीचे की परत में जमा होने लगते हैं। यही वजह है कि हवा की गुणवत्ता तेजी से खराब हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक दिल्ली-एनसीआर में भीषण गर्मी और गर्म हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है।

ऐसे में एक्यूआई सूचकांक में और वृद्धि दर्ज की जा सकती है। हालांकि, 11 और 12 जून के आसपास पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आंधी और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। यदि ऐसा होता है तो प्रदूषक कणों का स्तर कम होने से वायु गुणवत्ता में कुछ सुधार देखने को मिल सकता है।

ये भी पढे़ं :-

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें