President Droupadi Murmu visits Vrindavan: ब्रज की पवित्र भूमि पर शनिवार को एक बहुत ही खास और भावुक पल देखने को मिला। जब देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू यहां पहुंचीं, तो ऐसा लगा मानो आस्था और इतिहास एक साथ जीवंत हो उठे हों। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच भी उनकी सादगी और श्रद्धा साफ दिखाई दे रही थी।
#WATCH | Mathura, UP: President Droupadi Murmu offered prayers at the Govardhan Temple and performed the traditional parikrama.
(Source: Information Dept) pic.twitter.com/ajRtHQSPkV
— ANI (@ANI) March 21, 2026
दानघाटी मंदिर से हुआ परिक्रमा का शुभारंभ
राष्ट्रपति ने अपनी परिक्रमा की शुरुआत दानघाटी मंदिर से की। यहां उन्होंने गिरिराज महाराज का पंचामृत से अभिषेक किया और पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। मंत्रोच्चारण के बीच वातावरण बहुत ही शांत और दिव्य हो गया। मंदिर के अधिकारियों ने उन्हें फूलों का गुलदस्ता और राधा-कृष्ण की तस्वीर भेंट की, जिससे ब्रज की पारंपरिक अतिथि-सेवा झलक उठी।
नंगे पांव चलकर दिया आस्था का संदेश
सबसे खास बात यह रही कि राष्ट्रपति ने परिक्रमा नंगे पांव शुरू की। उन्होंने लगभग 200 मीटर तक पैदल चलकर लोगों को सादगी और श्रद्धा का संदेश दिया। इसके बाद उन्होंने गोल्फ कार्ट से आगे की यात्रा पूरी की।
VIDEO | Uttar Pradesh: President Droupadi Murmu (@rashtrapatibhvn) performs Govardhan Parikrama.
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/ztXNPTkbJb
— Press Trust of India (@PTI_News) March 21, 2026
‘राधे-राधे’ के जयघोष से गूंज उठा ब्रज
परिक्रमा मार्ग पर हजारों श्रद्धालु मौजूद थे। लोग रास्तों और छतों पर खड़े होकर ‘राधे-राधे’ के जयघोष कर रहे थे। राष्ट्रपति ने भी मुस्कुराकर और हाथ हिलाकर सभी का अभिवादन स्वीकार किया। आन्यौर और पूंछरी जैसे स्थानों पर उन्होंने फिर से कुछ दूरी पैदल चलकर लोगों से जुड़ाव दिखाया। वहां स्थानीय नेताओं और लोगों ने उनका स्वागत किया।
मानसी गंगा और मुकुट मुखारविंद मंदिर में पूजा
परिक्रमा के दौरान राष्ट्रपति मुकुट मुखारविंद मंदिर पहुंचीं। यहां उन्होंने मानसी गंगा का पूजन किया और गिरिराज जी का दूध और रबड़ी से अभिषेक किया। मंदिर में उन्हें राधा-कृष्ण की सुंदर मूर्ति भेंट की गई, जिससे माहौल और भी भक्तिमय हो गया।
भक्ति और संस्कृति का अद्भुत संगम
पूरे परिक्रमा मार्ग पर जगह-जगह कलाकारों ने राधा-कृष्ण की लीलाओं का प्रदर्शन किया। ढोल-नगाड़ों की आवाज, भजन और मंत्रों ने वातावरण को पूरी तरह आध्यात्मिक बना दिया। ऐसा लग रहा था जैसे पूरा ब्रज भक्ति में डूबा हुआ है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। हर जगह पुलिस बल तैनात था और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही थी। इसके बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं आई।
इतिहास में दर्ज हुआ यह विशेष दिन
यह परिक्रमा सिर्फ एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं थी, बल्कि ब्रज की संस्कृति, आस्था और लोगों की भावनाओं का बड़ा उत्सव बन गई। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह दौरा ब्रज के इतिहास में एक यादगार और स्वर्णिम अध्याय के रूप में हमेशा याद रखा जाएगा, जहां सत्ता और श्रद्धा का सुंदर संगम देखने को मिला।
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