Ram Temple donation theft case : लखनऊ। राम मंदिर दान चोरी मामले में कार्रवाई होती नजर आ रही है। विभाग ने राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर अयोध्या थाने में बीएनएस की धारा 306, 316 (5) और 317 (4) में केस दर्ज कर लिया है। इसमें 8 लोगों के खिलाफ दर्ज इस एफआईआर में कोई बड़ा नाम नहीं है।
इन नामों में 6 कैशियर हैं। ये एक्शन एसआईटी की जांच रिपोर्ट के बाद हुआ है। उधर, विश्व हिंदू परिषद इस मुद्दे पर आक्रामक और आक्रोशित है। अयोध्या में आज विश्व हिंदू परिषद की बड़ी बैठक हुई, जिसमें विश्व हिंदू परिषद के 5 बड़े सदस्य बैठक में मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि दो दिनों पहले चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी थी, जिसकी संस्तुति और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद यह एफआईआर दर्ज की गई है। मामले को लेकर राज्य सरकार सख्त कार्रवाई के विचार में है, ऐसे में अगले कुछ दिनों में बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
क्या है पूरा मामला?
मंदिर में आने वाले दान और चढ़ावे के हिसाब-किताब में अनियमितताओं के आरोप लगे हैं आरोप है कि दानपात्रों से नकदी और कुछ कीमती वस्तुओं के रिकॉर्ड में गड़बड़ी हुई तथा कुछ सामान गायब पाया गया। मामले की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन सदस्यीय एसआईटी गठित की थी। यह मामला राम मंदिर में आए दान और चढ़ावे के कथित दुरुपयोग/चोरी के आरोपों से जुड़ा है। जांच जारी है और अभी किसी भी व्यक्ति की दोषसिद्धि नहीं हुई है।
चोरी मामले में कांग्रेस की राय
कांग्रेस का कहना था कि अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे और दान में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पार्टी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के किसी मौजूदा (सिटिंग) न्यायाधीश की निगरानी में समयबद्ध जांच कराने की मांग की है। कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी पर भी सवाल उठाए और कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिक स्वतंत्र जांच जरूरी है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े धन के मामले में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, दूसरी ओर उत्तर प्रदेश सरकार और मंदिर ट्रस्ट का कहना है कि मामले की जांच के लिए एसआईटी बनाई गई है और जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। ध्यान देने वाली बात यह है कि जांच अभी जारी है और आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष या अदालत द्वारा दोष सिद्ध नहीं हुआ है।
अब अकाउंट सिस्टम की भी होगी जांच
सूत्रों का कहना है कि एसआईटी अब तक प्राप्त शिकायतों, वीडियो साक्ष्यों, दस्तावेजों और दान व्यवस्था से संबंधित अभिलेखों का मिलान कर रही है। इसके बाद जरूरत पड़ने पर आरोप लगाने वालों, गणना प्रक्रिया से जुड़े लोगों तथा अन्य संबंधित पक्षों से दोबारा पूछताछ की जा सकती है। एसआईटी अब जांच के क्रम में राम मंदिर ट्रस्ट के अकाउंट सिस्टम की भी पड़ताल करेगी। राम मंदिर के आय-व्यय का विवरण कितना मौजूद है, यह देखने की कोशिश होगी। साथ ही जमीन खरीद से संबंधित पत्रावलियों व संबंधित लोगों से पूछताछ की जाएगी।
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