नई दिल्ली : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने घर खरीदारों के धन से जुड़े धनशोधन के एक मामले में दिल्ली-एनसीआर के Real Estate Group WTC के प्रवर्तक आशीष भल्ला को गिरफ्तार किया है। आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि भल्ला को बृहस्पतिवार को धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत हिरासत में लिया गया था और गुरुग्राम की एक विशेष अदालत ने उसे छह दिन के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया। एजेंसी ने आरोप लगाया कि भूखंडों या व्यावसायिक स्थानों में निवेश के बदले सुनिश्चित रिटर्न का वादा करने के बाद, डब्ल्यूटीसी ने जमाकर्ताओं के धन को हस्तांतरित किया और इसे विभिन्न स्थानों पर भूमि अधिग्रहण करने के लिए कई मुखौटा कंपनियों को सौंप दिया गया।
ईडी ने आरोप लगाया कि सैकड़ों करोड़ रुपये सिंगापुर में संदिग्ध संस्थाओं को भी हस्तांतरित किये गये, जिनका लाभकारी स्वामित्व भल्ला के परिवार के सदस्यों के पास है। जांच के दौरान पाया गया कि डब्ल्यूटीसी समूह ने हरियाणा, उत्तर प्रदेश, चंडीगढ़, अहमदाबाद और पंजाब जैसे कई राज्यों के विभिन्न निवेशकों से 3,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि एकत्र की।
डब्ल्यूटीसी ग्रुप ने कोई टिप्पणी नहीं की
ईडी की यह कार्रवाई 27 फरवरी को डब्ल्यूटीसी समूह और भल्ला के अलावा भूटानी समूह और उसके प्रवर्तक आशीष भूटानी के परिसरों पर छापेमारी के बाद हुई है। आरोप है कि भल्ला छापेमारी के दौरान फरार था और उसने प्रमुख व्यक्तियों को जांच में सहयोग न करने के लिए प्रेरित किया। ईडी के अनुसार वह समूह की धोखाधड़ी गतिविधियों का ‘प्रमुख लाभार्थी’ और ‘मास्टरमाइंड’ है तथा उसने इस योजना के माध्यम से अवैध लाभ अर्जित किया है।
ईडी ने पहले दिए गए एक बयान में कहा था कि ईडी का मामला दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) और फरीदाबाद पुलिस द्वारा डब्ल्यूटीसी समूह और उसके प्रमोटरों आशीष भल्ला, सुपर्णा भल्ला, अभिजीत भल्ला, भूटानी इंफ्रा और अन्य के खिलाफ दर्ज दर्जनों प्राथमिकियों से उपजा है। भूटानी इंफ्रा ने पिछले सप्ताह एक बयान में कहा कि उसने इस महीने की शुरुआत में डब्ल्यूटीसी ग्रुप के साथ सभी संबंध तोड़ लिए हैं और ‘‘अब वह ईडी के साथ उसकी जांच में पूरा सहयोग कर रहा है।’’ वहीं डब्ल्यूटीसी ग्रुप ने कोई टिप्पणी नहीं की है।
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