Revanth Reddy: तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने भारतीय जनता पार्टी को लेकर एक बार फिर बड़ा और विवादित बयान दिया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रेवंत रेड्डी ने कहा कि बीजेपी का असली “भगवान” कोई और नहीं, बल्कि AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी हैं। उनके इस बयान ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। AIMIM को लेकर रेवंत रेड्डी का ये ब्यान बीते दिन आया है।
रेड्डी ने कहा, “अगर बीजेपी के इतिहास और उसके राजनीतिक व्यवहार का विश्लेषण किया जाए, तो साफ दिखेगा कि उनके लिए एक ही भगवान हैं और वह असदुद्दीन ओवैसी हैं। भगवान राम का नाम वे सिर्फ दिखावे के लिए लेते हैं, लेकिन असल में हर दिन ओवैसी के सामने सिर झुकाते हैं।” उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी वोट मांगते समय हर बार ओवैसी को ‘अलादीन का जादुई चिराग’ बनाकर पेश करती है।
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‘ओवैसी इतने खतरनाक हैं तो सरकार उन्हें रोक क्यों नहीं पा रही?’
मुख्यमंत्री ने मीडिया से सवाल करते हुए कहा कि अगर बीजेपी ओवैसी को इतना बड़ा विलेन बताती है, तो फिर केंद्र और कई राज्यों में उनकी सरकार होने के बावजूद वे उन्हें “कंट्रोल” क्यों नहीं कर पा रहे हैं। रेवंत रेड्डी ने कहा कि लोकतंत्र में AIMIM भी एक राजनीतिक दल है, जो चुनाव लड़ता है और जनता के फैसले के मुताबिक कहीं जीतता है, कहीं हारता है।
In a press meet yesterday, Telangana CM Revanth Reddy said, “This is the history of the Bharatiya Janata Party. If you analyse it, for them, there is only one god—Asaduddin Owaisi. They casually utter Lord Rama’s name, but the one they bow to every day is Asaduddin Owaisi. You… pic.twitter.com/yoK8bVvjmi
— ANI (@ANI) February 10, 2026
उन्होंने याद दिलाया कि AIMIM ने गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भी चुनाव लड़े हैं और पश्चिम बंगाल में पांच सीटों पर जीत हासिल की है। “वे भी एक वैध राजनीतिक संगठन हैं। लेकिन आप कब तक किसी पार्टी को भूत बनाकर वोट मांगते रहेंगे?” रेड्डी ने यह सवाल बीजेपी से किया।
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धार्मिक ध्रुवीकरण पर भी साधा निशाना
रेवंत रेड्डी ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल सिर्फ धार्मिक नफरत फैलाकर और नेताओं को ‘शैतान’ बताकर राजनीतिक रूप से जीवित रहने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने इसे “सोच की गरीबी” करार दिया और कहा कि तेलंगाना की जनता को इस मानसिकता को समझना चाहिए और तय करना चाहिए कि क्या ऐसी राजनीति को समर्थन दिया जाना चाहिए।
रेड्डी और ओवैसी के रिश्तों में बदलाव
गौरतलब है कि 2023 के विधानसभा चुनावों के दौरान रेवंत रेड्डी और असदुद्दीन ओवैसी एक-दूसरे पर तीखे हमले करते नजर आए थे। हालांकि, कांग्रेस सरकार बनने के बाद तस्वीर बदली है। रेवंत रेड्डी ने AIMIM के साथ विकास से जुड़े मुद्दों पर सहयोग की बात की है और कई मौकों पर ओवैसी की सार्वजनिक रूप से सराहना भी की है।
हालांकि कांग्रेस और AIMIM के बीच कोई औपचारिक गठबंधन नहीं है, लेकिन हैदराबाद और तेलंगाना की राजनीति में दोनों दलों के बीच व्यावहारिक सहयोग और बेहतर तालमेल साफ नजर आने लगा है। रेवंत रेड्डी का ताजा बयान इसी बदले हुए राजनीतिक समीकरण की ओर इशारा करता है।

