roof collapsed two lives buried : सोनीपत। गोहाना क्षेत्र स्थित महमूदपुर गांव में लगातार हो रही बारिश के बीच एक जर्जर मकान की छत ढहने से हादसा हो गया। कमरे में सो रही जेठानी और देवरानी करीब तीन फुट मलबे के नीचे दब गईं। सुबह बहू की नजर मलबे पर पड़ने के बाद ग्रामीणों की मदद से दोनों को बाहर निकाला, लेकिन महिला मेडिकल कॉलेज, खानपुर में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जर्जर छत बनी मौत का कारण
घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है। गांव महमूदपुर 55 वर्षीय बिमला और 53 वर्षीय सुनील रिश्ते में जेठानी और देवरानी थीं। परिजनों के अनुसार मंगलवार रात करीब 10 बजे दोनों खाना खाने के बाद कमरे में सोने चली गई थीं। देर रात किसी समय अचानक मकान की छत भरभराकर उनके ऊपर आ गिरी। बताया जा रहा है कि मकान काफी पुराना था और उसकी छत कमजोर हो चुकी थी। वहीं छत को संभालने वाले शहतीर में भी दीमक लग चुकी थी, जिससे उसके अचानक टूटने की आशंका जताई जा रही है।
तीन फुट मलबे से निकालीं दोनों महिलाएं
बुधवार तड़के करीब चार बजे जब बहू मोनिका कमरे की ओर गई तो वहां मलबा पड़ा देख उनके होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत परिवार के अन्य सदस्यों और आसपास के ग्रामीणों को सूचना दी। इसके बाद सभी ने मिलकर काफी मशक्कत के बाद करीब तीन फुट मिट्टी का मलबा हटाया और दोनों महिलाओं को बाहर निकाला। तत्काल उन्हें महिला मेडिकल कॉलेज, खानपुर ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बताया कि मलबे में दबी एक घड़ी रात करीब 1:30 बजे बंद मिली है।
घड़ी ने बताए हादसे के संकेत
इससे आशंका जताई जा रही है कि छत उसी समय गिरी होगी। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है, जबकि पूरे गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण पुराने और जर्जर मकानों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, ताकि इस तरह की दर्दनाक घटनाओं से बचा जा सके।
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