नेशनल डेस्क। तिरुवनंतपुरम में केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा नेता प्रतिपक्ष पिनाराई विजयन के आवास के बाहर उस वक्त भारी हंगामा मच गया, जब सीपीआई(एम) कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों ने ईडी अधिकारियों की गाड़ी पर हमला कर दिया। ये कार्यकर्ता केंद्रीय एजेंसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। ‘कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड’ (सीएमआरएल) मामले में केरल के 10 ठिकानों पर एजेंसी द्वारा तलाशी अभियान चलाया गया था। तिरुवनंतपुरम में भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान एक पुलिसकर्मी घायल हो गया है।
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जानकारी के मुताबिक ईडी अधिकारियों ने पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के आवास पर छापा पूरा कर लिया था और जब वे वहां से निकल रहे थे, तो पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनके वाहनों को रोक दिया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। आरोप है कि काफिला निकलने से पहले सीपीआई (एम) के कार्यकर्ताओं ने ईडी के तीन वाहनों को नुकसान पहुंचाया और उन पर पत्थर फेंके। इस बीच जैसे-तैसे ईडी के अधिकारी केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और सीपीआई (एम) नेता पिनाराई विजयन के आवास से रवाना हुए।
#WATCH | Keralam: Commotion outside the residence of former Chief Minister and present LoP Pinarayi Vijayan in Thiruvananthapuram, as CPI(M) workers attacked a vehicle of ED officials.
The workers are protesting against the central agency over its searches at 10 premises in… pic.twitter.com/fx7Y4xutLB
— ANI (@ANI) May 27, 2026
वहीं, ईडी की तलाशी के मामले में केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष पिनाराई विजयन ने मीडिया से कहा कि काफी समय से ईडी मेरे घर पर तलाशी लेना चाहती थी। मुझे लगता है कि इस तलाशी से कुछ लोगों को खासकर राहुल गांधी जैसे किसी व्यक्ति को बहुत संतुष्टि मिलेगी। राहुल गांधी ने प्रचार के दौरान यही सवाल पूछा था कि पिनाराई विजयन के घर पर छापा क्यों नहीं मारा जा रहा है और पिनाराई विजयन को गिरफ्तार क्यों नहीं किया जा रहा है। भाजपा सरकार देश में विपक्षी नेताओं पर हमेशा से जानबूझकर हमले करती रही है। इसके खिलाफ पूरे देश में जोरदार विरोध प्रदर्शन हुए हैं।
विजयन ने कहा कि कांग्रेस का रुख यह है कि उनकी अपनी पार्टी को छोड़कर बाकी पार्टियों के खिलाफ ईडी की दखलंदाजी जारी रहनी चाहिए। इनमें से कोई भी चीज हमें खत्म नहीं कर पाएगी। हम इसे सिर्फ एक शुरुआत के तौर पर देखते हैं। किसी को भी यह नहीं सोचना चाहिए कि ऐसे कदमों से हमारा नामोनिशान मिटाया जा सकता है। यहां स्थानीय लोगों और पार्टी के साथियों की भावनाएं जाहिर हुईं। जब भी दुश्मनों ने मुझ पर हमला करने की तैयारी की, तो मुझे पार्टी का मजबूत साथ मिला। आज साथियों ने यह साबित कर दिया है कि उस साथ में कोई कमी नहीं आई है और यही हमारी ताकत है। हम सब मिलकर किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं।
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