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Haryana : व्यापारियों के लिए मौका : 50 रुपये में पांच लाख का सुरक्षा कवच

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अंबाला। हरियाणा के व्यापारियों और छोटे उद्योगपतियों के लिए अच्छी खबर है। जोखिमों और अनिश्चितताओं के बीच राज्य सरकार ने एक ऐसा सुरक्षा तंत्र तैयार किया है, जो व्यापारियों को नुकसान से बचाने का काम करेगा।
इस सुरक्षा कवच से न केवल दुर्घटनाओं से बल्कि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से भी बचाएगा।

यह है खास बात 

खास बात यह है कि इस सुरक्षा कवच को पाने के लिए अब व्यापारियों को ज्यादा इंतजार नहीं करना होगा, क्योंकि सरकार ने पंजीकरण की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 मई कर दी है। सरकार ने व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए दो अहम योजनाएं लागू की हैं। मुख्यमंत्री व्यापारी सामूहिक निजी दुर्घटना योजना और मुख्यमंत्री व्यापारी क्षतिपूर्ति योजना। इन दोनों योजनाओं का उद्देश्य व्यापारियों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना और किसी भी अप्रत्याशित संकट के समय उन्हें सहारा देना है।

नुकसान के समय बनेगा सहारा

मुख्यमंत्री व्यापारी सामूहिक निजी दुर्घटना योजना, व्यापारियों के लिए एक तरह की जीवन सुरक्षा योजना है। यदि किसी व्यापारी के साथ दुर्घटना होती है और उसमें मृत्यु या स्थायी दिव्यांगता हो जाती है, तो सरकार द्वारा 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें शामिल होने के लिए मात्र 50 रुपये का नाममात्र शुल्क देना होगा। इतनी कम राशि में इतना बड़ा सुरक्षा कवर मिलना अपने आप में एक बड़ी राहत मानी जा रही है, खासकर छोटे और मध्यम वर्ग के व्यापारियों के लिए।

आग और बाढ़ में भी मिलेगी सहायता

मुख्यमंत्री व्यापारी क्षतिपूर्ति योजना व्यापारियों के माल के नुकसान को कवर करती है। अगर किसी व्यापारी के स्टॉक को आगजनी, बाढ़ या अन्य प्राकृतिक आपदाओं से नुकसान होता है, तो सरकार उसकी भरपाई करेगी। यह सहायता व्यापारी के वार्षिक टर्नओवर के आधार पर तय की गई है। छोटे व्यापारियों से लेकर मध्यम स्तर के कारोबारियों तक, सभी को इसमें शामिल किया गया है, जिससे कि कोई भी व्यापारी संकट में अकेला न रह जाए।

टर्नओवर के हिसाब से ऐसे मिलेगा लाभ

सरकार ने इस योजना को चार श्रेणियों में बांटा है ताकि हर स्तर के व्यापारी को उसकी जरूरत के अनुसार सहायता मिल सके। जिन व्यापारियों का सालाना टर्नओवर 20 लाख रुपये तक है, उन्हें 5 लाख रुपये तक की सहायता मिलेगी और इसके लिए उन्हें सालाना 100 रुपये का शुल्क देना होगा। वहीं, 20 लाख से 50 लाख रुपये तक के टर्नओवर वाले व्यापारियों को 10 लाख रुपये तक की सहायता के लिए 500 रुपये का शुल्क देना होगा। 50 लाख से 1 करोड़ रुपये तक के टर्नओवर वाले व्यापारियों को 15 लाख रुपये तक की सहायता मिलेगी, जिसके लिए 1500 रुपये का वार्षिक शुल्क निर्धारित किया गया है। वहीं, एक करोड़ से 1.5 करोड़ रुपये तक के टर्नओवर वाले व्यापारियों को अधिकतम 20 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी, जिसके लिए 2500 रुपये का शुल्क देना होगा।

ऑनलाइन आवेदन से आसान प्रक्रिया

सरकार ने इन योजनाओं को पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ दिया है, जिससे आवेदन प्रक्रिया बेहद आसान हो गई है। व्यापारी घर बैठे ही ऑनलाइन पोर्टल http://htwbhry.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। सरकार का मानना है कि डिजिटल प्रक्रिया से पारदर्शिता बढ़ेगी और ज्यादा से ज्यादा व्यापारी इन योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे। आज के दौर में व्यापार करना जोखिम से भरा हुआ है। कभी बाजार में मंदी, तो कभी प्राकृतिक आपदाएं—एल, ऐसे कई कारण हैं जो व्यापारियों को आर्थिक संकट में डाल सकते हैं। ऐसे में यह योजना एक सुरक्षा कवच की तरह काम करेगी। यह पहल न केवल व्यापारियों को आत्मविश्वास देगी बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी। सरकार की यह कोशिश साफ दर्शाती है कि वह व्यापारिक वर्ग को सुरक्षित और सशक्त बनाने के लिए गंभीर है।

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