Sold bakery to fulfill wife’s dreams : कुरुक्षेत्र। सात फेरों के साथ संजीव ने पत्नी के साथ सुनहरे भविष्य के सपने बुने थे। उसे उम्मीद थी कि दोनों मिलकर विदेश में नई जिंदगी की शुरुआत करेंगे। पत्नी के सपनों को पूरा करने के लिए उसने अपनी मेहनत से खड़ी की गई बेकरी तक बेच दी, लाखों रुपये का कर्ज लिया और हर संभव त्याग किया। लेकिन जिस रिश्ते को उसने भरोसे और प्रेम की नींव पर खड़ा माना था, वही रिश्ता अब उसके लिए दर्द और धोखे की कहानी बन गया है।
संजीव का आरोप है कि ऑस्ट्रेलिया पहुंचने के बाद पत्नी ने न केवल उसे अपने पास बुलाने से इनकार कर दिया, बल्कि उससे संपर्क भी लगभग खत्म कर लिया, जिससे उसके सपने और उम्मीदें दोनों टूट गए। उसका कहना है कि शादी के बाद उसने पत्नी के साथ ऑस्ट्रेलिया में नया जीवन शुरू करने का सपना देखा था। इसी उम्मीद में उसने अपनी बेकरी बेच दी, लाखों रुपये उधार लिए और पत्नी को विदेश भेजने का इंतजाम किया। लेकिन अब पत्नी ने उसे अपने पास बुलाने से इनकार कर दिया और उससे संपर्क भी खत्म कर लिया।
संजीव ने बताया कि शादी के बाद काफी कोशिशें करने के बाद पत्नी ऑस्ट्रेलिया चली गई। जाते समय भरोसा दिया था कि जल्द ही जरूरी दस्तावेज भेजकर पति को भी बुला लेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। संजीव का दावा है कि पत्नी को ऑस्ट्रेलिया भेजने के लिए उसने करीब 24 लाख रुपये खर्च किए। इसके लिए उसने अपनी बेकरी का सामान बेच दिया और भारी रकम उधार ली। बाद में उसे पता चला कि पत्नी को कथित तौर पर दस्तावेजों में अविवाहित दिखाकर विदेश भेजा गया। उसने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में एजेंट और ससुराल पक्ष की भी भूमिका रही।
संजीव के अनुसार 2023 में उसकी पत्नी कुछ दिनों के लिए भारत लौटी थी। इस दौरान दोनों ने दोबारा शादी का पंजीकरण कराया। इसके बाद वह ऑस्ट्रेलिया चली गई। संजीव का कहना है कि पत्नी लगातार उसे बुलाने का भरोसा देती रही, लेकिन कोई प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। इस दौरान उसके और भी लाखों रुपये खर्च हो गए। उसका आरोप है कि बाद में पत्नी ने उसका और उसके परिवार का मोबाइल नंबर और सोशल मीडिया अकाउंट ब्लॉक कर दिया। अब दोनों के बीच कोई संपर्क नहीं है। संजीव का कहना है कि इस पूरे मामले में अब तक उसके 34 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है। संजीव ने ऑस्ट्रेलियाई दूतावास और संबंधित अधिकारियों को शिकायत भेजने की बात कही है।
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