Sonam seeks discharge from hospital : नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को अपने हाथ से लिखा एक पत्र दिया है। इसमें उन्होंने कहा है कि अब उनकी तबीयत पूरी तरह ये ठीक है। इसलिए उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी जाए। वे भी संसद मार्च में जाना चाहते हैं।
मार्च में शामिल होने की अनुमति मांगी
वांगचुक ने अस्पताल एडमिनिस्ट्रेशन से अनुरोध किया कि उन्हें कुछ समय के लिए ही सही, अस्पताल से बाहर जाने की अनुमति दी जाए, जिससे कि वे CJP के संसद चलो मार्च में शामिल होकर अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से संसद तक पहुंचा सकें। उनका यह पत्र ऐसे समय सामने आया है, जब संसद का मानसून सत्र शुरू हो चुका है और उनके आंदोलन को लेकर राजनीतिक हलचल भी तेज है। सफदरजंग अस्पताल ने बताया कि सोनम वांगचुक की तबीयत फिलहाल ठीक और स्थिर है। हालांकि, उनके खून की कुछ जांच रिपोर्ट पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
डॉक्टरों की निगरानी में वांगचुक, इलाज जारी
अस्पताल के अनुसार विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम समय-समय पर उनकी जांच कर रही है और उन्हें जरूरी इलाज दिया जा रहा है। सोमवार सुबह 10 बजे जारी हेल्थ बुलेटिन में अस्पताल ने कहा कि वांगचुक का इलाज पूरी देखभाल के साथ जारी है। अस्पताल के हेल्थ बुलेटिन में कहा गया है कि सफदरजंग अस्पताल और एम्स के डॉक्टर लगातार सोनम वांगचुक की सेहत पर नजर रखे हुए हैं। किसी भी तरह की दिक्कत समय रहते पकड़ने और तुरंत इलाज करने के लिए उनकी लगातार निगरानी जरूरी है। अस्पताल ने यह भी कहा कि वांगचुक को इलाज और देखभाल से जुड़ी हर जरूरी मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
सोनम वांगचुक अस्पताल में भर्ती
सोनम वांगचुक को शनिवार (18 जुलाई) को उनके अनशन के 21वें दिन दिल्ली पुलिस जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले गई थी। उन्होंने 28 जून से NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और इस मामले से जुड़े छात्रों की कथित मौत के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन के समर्थन में आमरण अनशन शुरू किया था।
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