Last Updated: September 23, 2026

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अनशन तोड़ने के बाद सोनम वांगचुक ने जारी किया बयान, जानें आधी रात सरकार से क्या-क्या हुई बातें

July 24, 2026

अनशन तोड़ने के बाद सोनम वांगचुक ने जारी किया बयान, जानें आधी रात सरकार से क्या-क्या हुई बातें

नई दिल्ली: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक चले अपने अनशन को आखिरकार समाप्त कर दिया है। उन्होंने बताया कि यह फैसला सरकार की ओर से लिखित आश्वासन मिलने और कई दौर की बातचीत के बाद लिया गया। देर रात केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह मेदांता अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने सोनम वांगचुक से मुलाकात की और उनका अनशन तुड़वाया।

सोनम वांगचुक ने कहा कि उन्होंने यह फैसला केवल अपनी सेहत को देखते हुए नहीं, बल्कि देश में किसी तरह की हिंसा या तनाव की स्थिति पैदा न हो, इसे ध्यान में रखते हुए लिया है। उन्होंने सरकार से हुई बातचीत और मिले आश्वासनों की पूरी जानकारी एक वीडियो संदेश के जरिए साझा की।

सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद खत्म किया अनशन
अनशन समाप्त करने के बाद जारी अपने वीडियो संदेश में सोनम वांगचुक ने कहा कि आज उनके अनशन का 26वां दिन था। इस दौरान केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह उनसे मिलने आए। उनके साथ लद्दाख की एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि इससे पहले अलग-अलग राजनीतिक दलों के करीब 65 सांसद भी उनसे मिलने आए थे। इन सांसदों ने उनसे अनशन समाप्त करने की अपील की थी और भरोसा दिलाया था कि संसद में इस पूरे मामले पर चर्चा कराई जाएगी। इनमें NEET पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दे भी शामिल होंगे।

 

सोनम ने कहा कि पिछले दो दिनों से सरकार के साथ उनकी बातचीत लगातार चल रही थी। कई मुद्दों पर लंबी चर्चा हुई और लिखित आश्वासन देने को लेकर बातचीत काफी कठिन रही। उन्होंने कहा कि उन्हें सिर्फ मौखिक भरोसा नहीं, बल्कि लिखित गारंटी चाहिए थी। आखिरकार सरकार ने लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद उन्होंने अपना अनशन समाप्त करने का फैसला लिया।

सरकार ने कौन-कौन से वादे किए?
सोनम वांगचुक ने बताया कि सरकार ने उन्हें कुछ महत्वपूर्ण बातों का लिखित आश्वासन दिया है। पहला आश्वासन यह है कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों और युवाओं या 20 जुलाई को हुए “संसद चलो” मार्च में शामिल लोगों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। उनके खिलाफ FIR या अन्य मामले दर्ज नहीं होंगे।  दूसरा आश्वासन यह दिया गया है कि पेपर लीक मामले से जुड़े जिन 20 से अधिक बच्चों की मौत हुई है, उनके परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। तीसरा वादा यह किया गया है कि इस पूरे मामले पर संसद में विस्तार से चर्चा होगी। शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और सरकार की जवाबदेही पर बहस की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय हो सके।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर नहीं मिला कोई भरोसा
सोनम वांगचुक ने कहा कि बहुत से लोग यह जानना चाहते हैं कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग का क्या हुआ। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से उन्हें इस बारे में कोई लिखित या स्पष्ट आश्वासन नहीं मिला कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा देंगे। ऐसे में उनके सामने दो विकल्प थे। पहला, वे कई हफ्तों तक और भूख हड़ताल जारी रखते, जिससे उनकी जान को खतरा हो सकता था। दूसरा, वे सरकार के लिखित आश्वासनों को स्वीकार कर अनशन समाप्त कर देते और आगे भी आंदोलन जारी रखते। उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से हजारों लोग उनसे लगातार आग्रह कर रहे थे कि वे अपनी जान की चिंता करें, क्योंकि आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए उनका जीवित रहना जरूरी है।

इस्तीफा नहीं, बच्चों का भविष्य ज्यादा जरूरी
सोनम वांगचुक ने कहा कि उनके लिए शिक्षा मंत्री का इस्तीफा सबसे बड़ा मुद्दा नहीं था। उनका मानना है कि अगर इस्तीफा नहीं होता है तो इससे छात्रों का नुकसान नहीं होगा, बल्कि सरकार की छवि को नुकसान पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार समय रहते यह फैसला ले लेती तो विवाद पहले ही खत्म हो सकता था। लेकिन उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे और उन्हें किसी तरह की कानूनी परेशानी का सामना न करना पड़े।

छात्रों के भविष्य को लेकर जताई चिंता
सोनम वांगचुक ने कहा कि उन्होंने लद्दाख में कई ऐसे मामले देखे हैं, जहां छात्रों पर दर्ज FIR की वजह से उनका भविष्य प्रभावित हुआ। इसलिए वे चाहते थे कि इस आंदोलन में शामिल किसी भी छात्र या युवा के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई न हो। उन्होंने खुशी जताई कि सरकार ने इस मांग को स्वीकार कर लिया है। साथ ही उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है, उन्हें मुआवजा मिलेगा और संसद में इस पूरे मामले पर गंभीर चर्चा होगी।

आंदोलन को समर्थन देने वालों का जताया आभार
अपने संदेश के अंत में सोनम वांगचुक ने देशभर के लोगों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन को जनता, छात्रों, युवाओं और विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों का समर्थन मिला। उन्होंने सभी लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह लड़ाई शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आगे भी जारी रहेगी।

 

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