Sonipat Police Encounter Gopi’s Terror Ended : सोनीपत। कभी गांव की गलियों में खौफ का पर्याय बना गोपाल उर्फ गोपी आखिरकार पुलिस मुठभेड़ में ढेर हो गया। हत्या, लूट, फायरिंग और हत्या के प्रयास जैसे 25 से अधिक संगीन मामलों में नामजद गोपी पर कानून का शिकंजा वर्षों से कसता रहा, लेकिन वह लगातार अपराध की दुनिया में सक्रिय रहा।
दो मामलों में उम्रकैद की सजा पाने और पैरोल जंपकर फरार चल रहे इस बदमाश का अंत सोमवार सुबह पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में हुआ। आईये जानते हैं कैसे अपराध की राह पर बढ़ते हुए गोपी का आतंक आखिरकार खत्म हुआ। यदि बात करें पुलिस की तो उसकी कहानी के अनुसार गोपाल अपने ही गांव के एक व्यक्ति की हत्या की फिराक में घूम रहा था। इससे पहले भी वह उस व्यक्ति पर फायरिंग कर चुका था। पुलिस कमिश्नर ममता सिंह ने बताया कि सोमवार सुबह पुलिस को सूचना मिली थी कि गोपाल नहर के रास्ते एमपी माजरा, खूबडू होते हुए अटायल गांव की ओर जा रहा है।
सूचना के आधार पर सीआईए-वन गन्नौर की टीम ने इलाके में घेराबंदी की। पुलिस के करीब पहुंचते ही गोपाल ने भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। उसने करीब 9 राउंड फायरिंग की। ममता सिंह ने आगे बताया- उसने पुलिस वाहन को भी निशाना बनाया। जवाबी कार्रवाई में दोनों ओर से भी करीब 9 राउंड गोलियां चलीं, जिसमें गोपाल मारा गया। आरोपी की गोली उनके बाएं हाथ में लगी। उन्हें तुरंत खानपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका आईसीयू में इलाज चल रहा है।
पुलिस ने मौके से दो अवैध हथियार, बिना नंबर की बाइक और कारतूसों के कई खोल बरामद किए। गोपाल को दो अलग-अलग मामलों में उम्रकैद की सजा भी सुनाई जा चुकी थी। इसके बावजूद वह लगातार आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा। गोपाल करीब ढाई महीने पहले 70 दिन की पैरोल पर जेल से बाहर आया था। पैरोल पर आने के बाद उसने लगातार आपराधिक वारदातों को अंजाम दिया। पुलिस के मुताबिक, मई में उसने जमीन विवाद पर अटायल गांव में मनोज के घर पर फायरिंग की थी। इसके 15 से 20 दिन बाद गांव के शराब ठेके पर लूट के इरादे से फायरिंग और आग की घटना को अंजाम दिया।
Also Read :
मेष: दिन शुभ रहेगा...